-वासुदेव प्रजापति ज्ञानार्जन के करणों में हमने बहि:करण एवं अन्त:करण को जाना। बहि:करण में कर्मेन्द्रियों व ज्ञानेन्द्रियों के कार्यों को समझा और अन्त:करण में मन,…
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Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-2
– Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar In the Bharatiya thought process, life is believed to be one, single, continuing, integral, which…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-11 (ज्ञानार्जन के साधन : चित्त)
– वासुदेव प्रजापति अन्त:करण का चौथा और अन्तिम साधन है, चित्त। चित्त अद्भुत है, यह बुद्धि व अहंकार से भी सूक्ष्म है। इसे हम एक…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-6 (ज्ञानार्जन के साधन: ज्ञानेन्द्रियाँ)
– वासुदेव प्रजापति कमेंन्द्रियाँ के समान ही ज्ञानेन्द्रियाँ भी बहिःकरण हैं। अर्थात् ज्ञानेन्द्रियाँ भी ज्ञानार्जन के बाहरी साधन हैं। इनके नाम से ही स्पष्ट है…
वर्ष प्रतिपदा और भारतीय काल गणना विज्ञान – भारतीय नव वर्ष विशेष
– रवि कुमार भारतीय चिंतन विश्व कल्याण के लिए है और विज्ञान आधारित है। भारतीय त्यौहार, परम्पराएं, विशेष अवसर मानव कल्याण की वैज्ञानिक दृष्टि लिए…
बाल केंद्रित क्रिया आधारित शिक्षा-20 (संगीत शिक्षा)
संगीत का जीवन में विशेष महत्व है। फ़ाइन आर्ट शब्द हमने सुना होगा। फ़ाइन आर्ट में तीन विषय आते है – कला, संगीत और साहित्य।…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-4 (ज्ञान के विविध रूप)
– वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने ज्ञान का अर्थ जाना, ब्रह्म क्या है, यह भी जाना तथा ब्रह्म ज्ञान ही परमज्ञान है इसके साथ-साथ अज्ञान…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-1 (जानें ‘ज्ञान’ को)
-वासुदेव प्रजापति ज्ञान को जानने से पूर्व एक बात और जाननी होगी, वह है भारतीय शब्दों का अंग्रेजी अनुवाद। अनेक भारतीय शब्दों के अंग्रेजी अनुवाद…