अनूठा श्राद्ध

 – गोपाल माहेश्वरी विद्यार्थी पाठक सरस्वती विद्या मंदिर से आचार्य के रूप में सेवा निवृत्त हुए एक वर्ष ही बीता था कि एक दिन उनके…

राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका

– दिलीप बेतकेकर कार्य सभी महत्वपूर्ण तथा मूल्यवान ही होते हैं, कोई भी कार्य निम्न स्तर का नहीं। फिर भी शिक्षक का कार्य अनोखा है।…

सिंदूरी हनुमान

– गोपाल माहेश्वरी रोशन ने शाला से लोटते हुए रास्ते में सुना कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। निर्दोष पर्यटकों की हत्या से सारा…

देश की बात-1 : अपनी बात

-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…

मनः स्थिति बनाम परिस्थिति

✍ दिलीप बेतकेकर शाला में एक खेल खेला जाता है रस्सा खींच। एक मजबूत रस्सी के दो सिरों की बाजू में दो समूह रस्सी को…

साधन और साधना

✍ दिलीप बेतकेकर महाभारत युद्ध प्रारंभ होने के पूर्व अर्जुन और दुर्योधन भगवान श्री कृष्ण से सहायता मांगने हेतु एक ही समय पर पहुंचे। श्रीकृष्ण…

स्वदेशी का पथ

 – गोपाल माहेश्वरी देश उठेगा अपने पैरों निज गौरव के भान से। स्नेह भरा सम्मान जगाकर जिएं सुख सम्मान से। परावलंबी देश जगत में कभी…

यूजलेस नहीं यूज लेस

✍ दिलीप बेतकेकर (USELESS नहीं USE LESS) आप युजलेस है ऐसा शिक्षक-पालक, अनेक बार कहते होंगे न? कई बार सुनने पर कुछ को तो लगने…

होली

 – गोपाल माहेश्वरी फागुन का महिना आरंभ होते ही बच्चों बड़ों सभी पर होली की मस्ती छाने लगी। प्रभात की कालोनी में भी होलिकादहन की…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-121 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिन्दु-3)

 – वासुदेव प्रजापति आज शिक्षा का प्रश्न इतना अधिक उलझ गया है कि उसे सुलझाना किसी एक व्यक्ति या एक संस्था के बस की बात…