✍ दिलीप बेतकेकर (USELESS नहीं USE LESS) आप युजलेस है ऐसा शिक्षक-पालक, अनेक बार कहते होंगे न? कई बार सुनने पर कुछ को तो लगने…
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होली
– गोपाल माहेश्वरी फागुन का महिना आरंभ होते ही बच्चों बड़ों सभी पर होली की मस्ती छाने लगी। प्रभात की कालोनी में भी होलिकादहन की…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-121 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिन्दु-3)
– वासुदेव प्रजापति आज शिक्षा का प्रश्न इतना अधिक उलझ गया है कि उसे सुलझाना किसी एक व्यक्ति या एक संस्था के बस की बात…
मौलिक मानवी दिमाग
✍ दिलीप बेतकेकर देवाः दण्डमादाय रक्षन्ति पशुपालवत यन्तु रक्षित मिक्षन्ति, बुध्यासभिव जन्तिनाम।। (ईश्वर किसी पशुपालक के समान हाथ में डंडा लेकर किसी की रक्षा नहीं…
ग्राम शारदा
— गोपाल माहेश्वरी मधुकर, वसंत, शोभा, श्रीधर और सुषमा की समवयस्क बाल-मंडली में मित्रता का रिश्ता पक्कमपक्का था। वर्ष में कम-से-कम एक बार ये सभी…
पुस्तक समीक्षा : भारतीय शिक्षा दृष्टि – डॉ मोहन भागवत
संपादक – रवि कुमार समीक्षक – डॉ उदय भान सिंह “भारतीय शिक्षा दृष्टि” पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत द्वारा शिक्षा के…
रामायण सत कोटि अपारा-6 (श्रीराम वन गमन स्थल)
✍ रवि कुमार श्रीराम भारत की आत्मा है। श्रीराम भारत के प्राण है। श्रीराम भारत के जन जन के राम है। वे जन जन के…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-120 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिन्दु-2)
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा में परिवर्तन करने से पूर्व हमें एक और सूत्र को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। ‘शिक्षा व्यक्तिगत नहीं होती राष्ट्रीय…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-119 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिंदु-1)
– वासुदेव प्रजापति हम भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा चाहते हैं। भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा तभी संभव है जब आज की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया…
ए मन रिलैक्स हो जा!
✍ दिलीप बेतकेकर अब मुझे और कुछ न कहो, थक गया हूँ मैं! दिनभर काम हो गया, अब थकान आ गई है। ये और इस…