भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 118 (भारतीय ज्ञान की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु करणीय उपाय)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारतीय ज्ञान का अर्थ होता है, हमारे देश का ज्ञान अर्थात हमारा देशीय ज्ञान। भारत भूमि में जन्मा हमारा अपना ज्ञान। भारत…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 117 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – धर्माचार्य और शिक्षा-2)

 ✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश में धर्माचार्यों की बहुत बड़ी संख्या है। उनके बड़े-बड़े आश्रम चलते हैं। उन आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त भी…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 116 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – धर्माचार्य और शिक्षा-1)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारत एक धर्मप्राण देश है। सम्पूर्ण देश में धर्माचार्यों की विशेष ख्याति है। लोग उनकी बात मानते हैं। उनकी तपश्चर्या और उनके…

बाइक 

✍ गोपाल माहेश्वरी वैभव अभी सोलह वर्ष का ही हुआ था। इन दिनों उसके मामा आए हुए थे। उसके मामा के पास एक बाइक थी।…

दोहराने के पांच प्रकार

✍ दिलीप बेतकेकर दोहराने को अंग्रेजी में ‘Revision’ कहते हैं। Review (पुनः अवलोकन) भी कहते हैं। आइए हम इन अंग्रेजी के दोनों शब्दों को समझें-…

पुस्तक समीक्षा: भारतीय जीवन शैली

✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता लेखक – रवि कुमार प्रकाशक – सुरुचि प्रकाशन, झंडेवाला, नई दिल्ली पृष्ठ संख्या – 156, मूल्य 150₹ लेखक द्वारा रचित और…

काँटों वाला पौधा

✍ गोपाल माहेश्वरी दिन के दस बज रहे थे। उद्यान में सुबह घूमने आने वाले लगभग सभी लोग जा चुके थे। दक्ष का अपने मित्रों…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 115 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – सामाजिक स्तर पर करणीय प्रयास-3)

✍ वासुदेव प्रजापति सामाजिक स्तर पर सम्बन्धों की आज कोई व्यवस्था नहीं है। हमने वर्ण, जाति व सम्प्रदाय का त्याग कर दिया परन्तु उनके स्थान…

ऐसे करें अभ्यास-१

✍ दिलीप बेतकेकर सामान्यतः विद्यार्थी अभ्यास करने के लिए दो प्रकार की पद्धति अपनाते हैं- वाचन और पाठांतर! दोनों ही आवश्यक और उपयोगी हैं। वाचन…

रामायण सत कोटि अपारा-5 (संस्कृत साहित्य में रामकथा)

✍ रवि कुमार रामकथा का आदि स्रोत ‘रामायण’ ही है। राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ ठाकुर ‘रामायण’ के भारतीय जन-मानस में व्याप्ति पर लिखते हैं, “रामायण की कथा…