– अवनीश भटनागर युग नायक तथा युग प्रवर्तक सामान्य रूप से समाज जीवन में किसी भी श्रद्धास्पद विभूति के लिए उपयोग किए जाने वाले शब्द…
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भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 49 (शिक्षा का सांस्कृतिक स्वरूप)
– वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा को जानने व समझने के लिए ज्ञान की बात नामक पाक्षिक स्तम्भ प्रारम्भ किया गया है। आज से ज्ञान की…
पॉकेट मनी – कैसे दें, कैसे लें
– दिलीप वसंत बेतकेकर गांव का मेला, नाटक अथवा किसी विशेष त्यौहार के अवसर पर बच्चों के हाथ में कुछ पैसे देने के दिन अब…
भारतीय भाषाओं (मलयालम और मराठी) का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान – 3
मलयालम भाषा का योगदान १८५७ का स्वतंत्रता संग्राम कई संदर्भों में अद्भुत है। यह वास्तव में भारत की जनता के विरोध की भावाभिव्यक्ति थी जिसमें…
पाती बिटिया के नाम-40 (दोष हमारा, श्रेय राम का)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! अनायास समाचार पत्रों में पढऩे को मिला कि मा. आचार्य विष्णुकांतजी शास्त्री अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे। पढ़ते…
विहार का स्वास्थ्य पर प्रभाव
– रवि कुमार भिवानी की एक विद्यार्थी शाखा में नीतिश नाम के विद्यार्थी ने आना प्रारम्भ किया। नीतिश 11वीं कक्षा में विज्ञान संकाय का विद्यार्थी…
भारत में शिक्षा व्यवस्था
– अवनीश भटनागर भारत में समाज निर्माणकारी शिक्षा की संकल्पना थी। वेद, पुराण, उपनिषदों के लेखकों की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है और न ही…
ज्ञान की बात 48 (व्यक्ति को समर्थ बनाना)
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा के प्रयोजनों को जानने के क्रम में हमने शिक्षा का सांस्कृतिक प्रयोजन, शिक्षा का राष्ट्रीय प्रयोजन एवं शिक्षा का सामाजिक प्रयोजन…
1857 की क्रांति के प्रतिसाद
– रवि कुमार 10 मई 1857 को प्रारंभ हुआ स्वतंत्रता समर 1859 आते-आते समाप्त हो गया। क्या देशभक्ति का ज्वार मात्र दो वर्ष में ही…
पाती बिटिया के नाम-39 (जाग उठे हैं गिरी-वनवासी)
– डॉ विकास दवे जाग उठे हैं गिरी-वनवासी, जाग उठा है हिन्दुस्थान नहीं वस्त्र भोजन के भूखे, वनवासी चाहें सम्मान प्रिय बिटिया! एक बार स्वामी…