– रवि कुमार 11 से 16 मई 1857, इन पांच दिनों में दिल्ली में जो हुआ वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।…
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ज्ञान की बात 56 (भाषा का सांस्कृतिक स्वरूप – भाग दो)
– वासुदेव प्रजापति प्रथम भाग में हमने जाना कि भाषा की मूल इकाई अक्षर है और इसकी व्याप्ति सम्पूर्ण जीवन है। अक्षर के विभिन्न पदार्थों…
पाती बिटिया के नाम-44 (पै चाचा!)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके सुपरिचित ‘पै चाचा’ यानी श्री अनंत पै का नाम हममें से अधिकांश लोग जानते हैं। यदि मैं…
कोरोना चला स्कूल खुला
– दिलीप वसंत बेतकेकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था- “जब समस्या आती है तब हम जिस प्रकार विचार करते हैं वैसा ही विचार करके उस…
भारतीय फ़ास्ट-फ़ूड और जंक-फ़ूड
– रवि कुमार “जैसा खाए अन्न वैसा हो जाए मन” ये कहावत हम सबने सुनी होगी। स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्न अर्थात आहार का हमारे मन…
अध्ययन और आनंद
– दिलीप वसंत बेतकेकर ‘अध्ययन और आनंद एक साथ’! ‘अध्ययन और आनंद’ इन दोनों की आपस में क्या मित्रता हो सकती है? क्या कोई अध्ययन…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 55 (‘भाषा’ का सांस्कृतिक स्वरूप भाग एक)
– वासुदेव प्रजापति भाषा मनुष्य के व्यक्तित्व के साथ अविभाज्य अंग के समान जुड़ी हुई है। भाषा विहीन व्यक्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा…
शीतल पेय से दूर रहो, स्वस्थ रहो
– दिलीप वसंत बेतकेकर सर्दी का मौसम समाप्त होकर जब गर्मी का मौसम शुरू हो रहा होता है, शीतल पेय दिखते ही मन ललचाता है…
पाती बिटिया के नाम-45 (ईमानदारी दिखावटी गहना नहीं)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! प्रतिदिन समाचार-पत्र पढऩे की आदत तो तुमने बना ही ली होगी। वैसे भी वर्तमान घटनाचक्र से हमें सदैव परिचित…
पाती बिटिया के नाम-44 (स्वाभिमानी रामतीर्थ)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! तुमको यह जानकारी तो है ही कि 1813 में शिकागो (अमेरिका) में विश्व स्तरीय सर्वधर्म सम्मेलन सम्पन्न हुआ था।…