पाती बिटिया के नाम-43 (पुरुषार्थ और प्रतिभा)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम यदि एक बार दृढ़ निश्चय कर लें और श्रमनिष्ठा हृदय में हो तो सफलताएँ स्वयं चलकर चरण चूमती…

1857 प्रथम स्वातंत्र्य समर में हरियाणा का योगदान

 – रवि कुमार कहते हैं कि 1857 मात्र एक सैनिक विद्रोह था। अर्थात इसमें केवल सैनिकों ने ही भाग लिया था। वस्तुस्थिति ऐसी नहीं है।…

अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है आहार संयम

 – रवि कुमार “आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्” अर्थात आरोग्य परम भाग्य है और स्वास्थ्य से अन्य सभी कार्य सिद्ध होते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के…

भ्रान्तियों के निवारण का महापर्व : आजादी का अमृत महोत्सव – 2

  एक और अटपटा किन्तु विचारणीय प्रश्न जब हम यह चर्चा कर रहे हो कि भारत पराधीन कब हुआ, तो यह विचार करना भी समीचीन…

भ्रान्तियों के निवारण का महापर्व : आजादी का अमृत महोत्सव – 1

 – अवनीश भटनागर हम में से अधिकांश सौभाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म स्वतंत्र भारत में हुआ है। जिनका जन्म 20 वीं शताब्दी में हुआ है,…

परम पूज्य श्री गुरुजी का शैक्षिक प्रबोधन

 – अवनीश भटनागर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी कुशल संगठक होने के साथ-साथ समाज जीवन के…

पाती बिटिया के नाम-42 (समभाव ऐसा होता है)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके जीवन में ऐसे अनेक प्रसंग आते हैं जब अनायास हमारी भेंट किसी ऐसे व्यक्तित्व से हो जाती…

उचित आहार से ‘स्वस्थ बालक स्वस्थ राष्ट्र’

– रवि कुमार एक स्थान पर अखिल भारतीय बैठक के लिए रेल यात्रा में जाना हुआ। रेल के डिब्बे में एक पति-पत्नी एवं उनके साथ…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 52 (विषयों में परस्पर सम्बन्ध)

 – वासुदेव प्रजापति आज विद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले सभी विषयों का सम्बन्ध शास्त्रों से है। सभी शास्त्र परस्पर एक दूसरे से सम्बन्धित…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 51 (शास्त्रों की रचना एवं स्वरूप)

 – वासुदेव प्रजापति   अब तक हमने जाना कि परमात्मा की इस सृष्टि में मनुष्य का अति विशिष्ट स्थान है। क्योंकि केवल मनुष्य में ही…