– रवि कुमार पंजाबी में एक कहावत है- “सवेरे जे चार वजे जग्गे तां देन्न बत्ती घंटे दा हो जान्दा”। अर्थात यदि व्यक्ति प्रातः चार…
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अध्ययन क्या है?
– दिलीप वसंत बेतकेकर अभ्यास ‘अभ्यास’, ‘अध्ययन’ अध्ययन। यह अभ्यास- अध्ययन क्या है? इन शब्दों का उच्चारण दिन रात होता है। शिक्षकों द्वारा तैयार उत्तर…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-59 (सांस्कृतिक अर्थशास्त्र, भाग-2)
– वासुदेव प्रजापति अब तक इस बिन्दु की स्पष्टता हुई होगी कि इकोनोमिक्स के सिद्धांतों पर चलने से सर्वजनहिताय व सर्वजनसुखाय का उद्देश्य सिद्ध नहीं…
1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 2
– रवि कुमार जून से सितम्बर 1857 दिल्ली का संघर्ष शायद ही कोई जानता हो, शायद ही किसी पाठ्य पुस्तक में पढ़ाया गया हो और…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 58 (सांस्कृतिक अर्थशास्त्र, भाग-1)
– वासुदेव प्रजापति आज का युग आर्थिक युग है, यह सभी मानने लगे हैं। जीवन अर्थनिष्ठ बन गया है और अर्थ ने जीवन में केन्द्रवर्ती…
उत्तम स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है सम्यक निद्रा
– रवि कुमार आज की भागदौड़ वाली आधुनिक जीवन शैली ने मानव स्वास्थ्य के जिन पहलुओं को प्रभावित किया है, उनमें आहार के साथ निद्रा…
शिक्षण मतलब क्या पापा?
– दिलीप वसंत बेतकेकर ‘शिक्षा’ (शिक्षण) के विषय पर अनेक शिक्षा शास्त्रियों, विद्वानों द्वारा बहुत कुछ लिखा गया है। इसका अध्ययन करना आवश्यक है। शिक्षा…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 57 (सांस्कृतिक समाजशास्त्र)
– वासुदेव प्रजापति समाजशास्त्र एक मनुष्य का दूसरे मनुष्य के साथ रहने की व्यवस्था का शास्त्र है। साथ-साथ रहने की व्यवस्था किन सिद्धान्तों पर हुई…
मंत्र-साक्षात्कार का!
– दिलीप वसंत बेतकेकर अनेक प्रख्यात, यशस्वी लोगों के चरित्र पढ़ने पर ज्ञात होता है कि जीवन के प्रारम्भिक कुछ वर्षों में उन्होंने बहुत संघर्ष…
कोविड पश्चात् शिक्षा – विद्यालय व अभिभावकों की भूमिका
– विजय नड्डा विद्यालय प्रारम्भ होते ही सुनसान पड़े विद्यालय परिसर बच्चों की किलकारियों से फिर से गूंजने लगे हैं। विद्यालय प्रारम्भ होने से बच्चों,…