घर, एक संस्कार केन्द्र

 – दिलीप वसंत बेतकेकर परीक्षाएं सम्पन्न हुईं, छुट्टियाँ शुरू हुई कि अनेक स्थानों पर संस्कार कक्षाएं प्रारंभ हो जाती हैं। पालक बड़े उत्साह के साथ…

पालकों, शाला के मित्र बनो

– दिलीप वसंत बेतकेकर आपने आपके पाल्य के लिए शाला का चयन कर प्रवेश प्राप्त कर लिया या पूर्व की शाला में ही बच्चे का…

बच्चों के सिर से भय का भूत हटाएं

 – दिलीप वसंत बेतकेकर श्रुति छह माह की बालिका, फर्श पर खेल रही थी। निकट की स्टूल पर मिक्सर चल रहा था। धक्का लगा और…

पालक व शिक्षक मान रखें बच्चों का

 – दिलीप वसंत बेतकेकर “द सीक्रेट ऑफ गुड एजुकेशन इज रेस्पेक्टिंग द चाइल्ड” इमर्सन का यह विचार एक विजिटिंग कार्ड पर पढ़ा और विचारों को…

बच्चे झूठ क्यों बोलते हैं?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर मार्च 1992 के ‘‘रीडर्स डायजेस्ट’’ के अंक में पॉल एक्मन का लेख “When your child lies”  (जब आपका बच्चा झूठ बोलता…

बालकों के लिए उपयोगी – आपके घर में ऐसा है क्या?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर आज के घर सामानों के ‘भंडारगृह’ हो गए हैं। जगह की कमी, फिर भी फर्श से छत तक विविध वस्तुओं का…

मातृहस्तेन भोजनम्!

        वर्तमान की बदलती हुई जीवन शैली के कारण व्यक्तियों और परिवारों का आहार की ओर दुर्लक्ष्य होता जा रहा है। एक…

अपनी संतान ऐसा करती है क्या?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अपने बच्चे बड़े होकर बहुत यश प्राप्त करें, पराक्रमी बनें, अच्छी ख्याति प्राप्त करें, ऐसी इच्छा प्रत्येक माता-पिता की रहती है।…

घर में “प्रॉब्लम चाइल्ड या प्रॉब्लम पालक”

 – दिलीप वसंत बेतकेकर मैं शाला के कार्यालय में बैठा था। एक युवा युगल वहां आया। युवती जानी पहचानी थी। पति का नाम सुना हुआ…

“पालकों, शाला जाओ” – अभिभावक विद्यालय में जाकर क्या करे?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर शीर्षक पढ़कर आप भी चौंक गए? आश्चर्य का झटका लगा?  शाला में पढ़ने जाओ, ऐसा अर्थ नहीं, देखने जाईये! जानकारी लेने…