✍ आचार्य श्रीतुलसी जीवन जीना एक बात है और विशिष्ट जीवन जीना दूसरी बात है। ऐसा जीवन जो दुसरों के लिये उदाहरण बन सके, विशिष्ट…
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भारतीय मनीषियों के विचारों से भारत पुन: बनेगा विश्वगुरु
शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा के उद्देश्य उसके दर्शन…
डॉक्टर हेडगेवार जी का हिंदुत्व!
✍ प्रशांत पोळ किसी व्यक्ति के कार्य का मूल्यांकन करना है, या उस व्यक्ति ने किये हुए कार्य का यश-अपयश देखना हैं, तो उस व्यक्ति…
हिंदी राम काव्यों में रामराज्य की संकल्पना
✍ डॉ. नाथूराम राठौर भारतीय मनीषा के जिन-जिन ग्रंथों में भगवान राम का चरित्रांकन हुआ है उन सभी में रामराज्य की संकल्पनाएं प्रतिष्ठित हैं। आदि…
अन्तरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां
✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता अंतरिक्ष के क्षेत्र में किसी भी उल्लेखनीय प्रगति को वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत सम्मानजनक दृष्टि से देखा जाता है। अंतरिक्ष के…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 77 (शासनाधीन शिक्षा के दुष्प्रभाव)
✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश में अंग्रेजों के आने तक शिक्षा कभी भी शासन के अधीन नहीं रही। अंग्रेजों ने भारतीय शिक्षा को शासन के…
होलिकोत्सव का पौराणिक एवं वैज्ञानिक महत्व
✍ विनोद जौहरी बसन्त ऋतु का आगमन, चमकीली गुनगुनी धूप, हवा में उड़ते हुए पुकेसरों की भीनी−भीनी मनभावन सुगंध, पतझड़ की निष्ठुरता झेल चुकी ठूंठ…
सद्ज्ञान व उल्लास के साथ शौर्य का भी अनूठा पर्व है वसंत पंचमी
– पूनम नेगी जानना दिलचस्प हो कि वसंत पंचमी का पावन दिन जहां हमें ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के विशेष पूजन अर्चन के…
दीक्षांत समारोह
✍ अतुल कोठारी दीक्षांत शब्द अपने आप में जहां एक ओर एक अवधि पर्यन्त प्राप्त ज्ञान अथवा नैपुण्य के एक पड़ाव का सूचक है, वहीं…
भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्य – भाग एक
✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता यह मानव की प्रकृति है कि हम सब को अधिक से अधिक अधिकारों की प्राप्ति अच्छी लगती है। अधिकार सामान्यतया उन…