✍ D. Ramakrishna Rao Technology is now playing a bigger role in the present-day world. Now that it has engrossed every aspect of our lives.…
Category: लेख
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 103 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – अनुसंधान में प्रमाण व्यवस्था)
✍ वासुदेव प्रजापति जब हम अध्ययन-अनुसंधान विषय पर विचार करते हैं तो सबसे पहला विचारणीय बिन्दु प्रमाण व्यवस्था ध्यान में आता है। क्योंकि अध्ययन-अनुसंधान के…
पृथ्वी तत्त्व विज्ञान
✍ डॉ. धीरेन्द्र झा हमारा जीवन एक यज्ञ हैं। हम इसमें वायु, जल, अन्न तथा प्रकाश के रूप में ऊर्जा की आहुति डालते रहते हैं।…
Implementation of NEP 2020 – Expectations from the Teachers
✍ Laxmana Rao Ayachithula After independence of India, a few National Education Policies came up and to some extent the recommendations were implemented. Dr. D.…
हिन्दू नववर्ष की प्रासंगिकता
✍ वासुदेव प्रजापति हिन्दू नववर्ष आदिकाल से मनाया जाने वाला सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पर्व है। यह पर्व राष्ट्रीय बोध, हमारी प्राचीन वैज्ञानिकता एवं विश्व कल्याण…
धर्म व संविधान परस्पर विरोधी नहीं, अपितु पूरक हैं
✍ प्रणय कुमार लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका प्रहरी की होती है। व्यवस्था के सभी घटकों की निगरानी का दायित्व उस पर ही होता है।…
अवध में राम आये हैं – श्री वाल्मीकि रामायण (सर्ग 127 – युद्ध कांड)
✍ विनोद जोहरी अयोध्या परम धाम में नव्य, भव्य एवं दिव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की मृगशीर्ष नक्षत्र में सोमवार…
रामचरितमानस में वर्णित भगवान श्रीराम का अयोध्या आगमन
✍ विनोद जोहरी मोक्ष दायिनी सरयू तीरे अयोध्या परम धाम में नव्य, भव्य एवं दिव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मृगशीर्ष…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में भारतीय भाषाओं की प्रासंगिकता
✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता एक प्राचीन राष्ट्र के रुप में भारत, विविध भाषाओं का अद्भुत सामाजिक मिश्रण है, जहाँ बड़े लंबे समय से भारत के…
भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्य – भाग दो
✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक कर्तव्यों को हम चार वर्गों में विभाजित कर सकते हैं। प्रथम वर्ग है ‘नागरिक उत्तरदायित्व’ इसके…