सा विद्या या विमुक्तये
विजयादशमी (24 अक्टूबर) तथा महर्षि वाल्मीकि जयंती (28 अक्टूबर) पर विशेष ✍ अवनीश भटनागर आदिकवि वाल्मीकि जी के जीवन के सम्बन्ध में विष्णु पुराण, पद्मपुराण…
– डॉ. कृष्णगोपाल सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में जीवित रहने का मूल आधार ‘स्व’ है। स्व नहीं तो समाज भी नहीं रह सकता।…
– डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।” मनु स्मृति में आया हुआ यह श्लोक महिला स्थिति को लेकर भारत के वास्तविक…
✍ अवनीश भटनागर (श्रद्धेय भाई जी – श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार की जन्मजयंती (17 सितम्बर) पर उनके द्वारा स्थापित वैचारिक क्रान्ति के आधार स्तम्भ…
✍ Dr. Pinkesh Lata Raghuwanshi Women have faith…. Gain independence, gain everything, but do not lose that characteristic of women! Swami Vivekananda How this comment…
✍ अवनीश भटनागर उत्साह, जोश, मस्ती तथा रोमांच से भरपूर खेलकूद बच्चों को तो क्या, बड़ों को भी पसन्द हैं। दुनियाँ के सभी देशों में…
✍ विनोद जौहरी भारतवर्ष के इतिहास में 15 अगस्त 1947 का दिन सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है जिसको हमने अपनी पाठ्य पुस्तकों और…
✍ राजेन्द्र सिंह बघेल वे महान वीर आत्माएँ जो देश विभाजन के समय भयानक एवं विषम परिस्थितियों में फंसे अगणित निर्दोष लोगों की रक्षा…
✍ गोपाल माहेश्वरी सावरकर का सम्पूर्ण लेखन अपने राष्ट्र और समाज की दुर्दशा से विमुक्ति के लिए गहन संवेदना और निवारण के उत्कट संकल्पों…
✍ गोपाल माहेश्वरी स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर अर्वाचीन भारत के एक ऐसे विराट व्यक्तित्व हैं जिसके प्रत्येक आयाम को समन्वित रूप से देखें या…