भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-19 (अध्ययन)

 – वासुदेव प्रजापति अध्ययन (पढ़ना) अध्ययन का अर्थ है, “पढ़ना”। पढ़ना और पढ़ाना या अध्ययन और अध्यापन एक ही क्रिया के दो स्वरूप हैं। हम…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-18 (आचार्य और छात्र सम्बन्ध)

 – वासुदेव प्रजापति आज के समय में सामान्य व्यक्ति भी यह कहता है कि हमारे जमाने में आचार्य-छात्र सम्बन्ध जितने मधुर थे, वैसे आज नहीं…

Bharatiya perspective of education: Deen Dayal Upadhyay

 – Dr Kuldeep Mehandiratta   Bhartiya perspective of education, ‘Sa Vidya Ya Vimuktya’, denotes education as the way which liberates human beings. Pandit Deen Dayal…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-17 (आदर्श आचार्य)

 – वासुदेव प्रजापति भारतीय समाज में आचार्य का स्थान अत्यन्त आदरणीय, पूजनीय एवं श्रेष्ठ माना गया है। सभी प्रकार के सत्तावान, बलवान और धनवान व्यक्तियों…

विश्व पटल पर हिन्दी के बढ़ते चरण

–  प्रोफेसर बाबूराम किसी भी राष्ट्र की अस्मिता उसकी भाषा से होती है। भाषा संस्कृति को प्रभावित करती है और संस्कृति व दर्शन से प्रभावित…

विश्व बंधुत्व दिवस – 11 सितम्बर

निवेदिता (उपाध्यक्ष), विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी मूल अंग्रेजी – अनुवाद प्रा. सुधीर गर्ग, सोनीपत इस वर्ष 11 सितम्बर का दिन एक अति-विशेष दिन है क्योंकि 50…

विवेकानन्द शिला स्मारक – एक अद्भुत राष्ट्रीय स्मारक

अलकागौरी, जीवनव्रती, विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी   आज से 50 वर्ष पूर्व इसी महीने में एक अद्भुत स्मारक का राष्ट्रार्पण हो रहा था। एक ऐसा स्मारक…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-16 (आदर्श विद्यार्थी)

 – वासुदेव प्रजापति “विद्यार्थी” शब्द विद्या और अर्थी इन दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है – विद्या(ज्ञान) प्राप्त करने वाला। अर्थात् जो…

भारत में शिक्षक गुणवत्ता

किसी भी देश की प्रगति वहां की शिक्षा के ऊपर निर्भर करती है और शिक्षा की गुणवत्ता शिक्षक की गुणवत्ता पर आधारित है भारत विश्व…

शिक्षक दिवस : समाज तथा शिक्षक के दायित्व स्मरण का उत्सव

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारतीय विचार और संस्कृति में आदर्श शिक्षक के स्वरुप की कल्पना की गई है। जगद्गुरु की उपाधि धारण करने वाले देश…