जब कल्बेट के घर पधारे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस

– आशुतोष भटनागर नगा राजा कल्बेट की प्रसन्नता का पारावार न था। अंग्रेज जिसके नाम से भय खाते थे, वे सुभाष चन्द्र बोस नागालैंड के…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-25 – (दूसरे वर्ष में प्रवेश)

 – वासुदेव प्रजापति “ज्ञान की बात” एक पाक्षिक स्तंभ है, जिसकी अब तक 24 कड़ियां आ चुकी हैं। अर्थात् इसे प्रारंभ हुए अब तक एक…

सदाचार एवं सद्दगुणों का विकास

– लज्जा राम तोमर अपने धर्म एवं संस्कृति के प्रति ज्ञानयुक्त श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित व्यक्तियों में नैतिक आचरण की भूमि तैयार होती है।…

आईये बात करें

 – राजेन्द्र सिंह बघेल बैंगलूर में एक संस्था है उसका नाम है, “अखिल भारतीय मानसिक स्वास्थ्य संगठन” (All India National Institute of mental health) ।…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-24 – (दान)

 – वासुदेव प्रजापति   भारतीय शिक्षा की एक प्रमुख विशेषता अर्थ-निरपेक्षता है। आज हमनें पश्चिमी शिक्षा से प्रभावित होकर जीवन में अर्थ को सर्वोपरि मान…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग पांच)

 – अवनीश भटनागर स्नातकों को उपदेश स्वाभाविक रूप से दीक्षांत भाषण का उद्देश्य अपनी शिक्षा पूर्ण कर समाज जीवन में प्रवेश करने जा रहे उपाधि…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग चार)

 – अवनीश भटनागर भाषा के रूप में अंग्रेजी मातृभाषा और राष्ट्रीय विकास में उसकी भूमिका की बात कहने के बाद भी महामना एक भाषा के…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग तीन)

 – अवनीश भटनागर प्रारम्भिक शिक्षा अति महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान के दीक्षान्त भाषण में भी मालवीय जी देश में प्रारम्भिक तथा माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग दो)

 – अवनीश भटनागर बारह वर्षों की रिपोर्ट श्रद्धेय मालवीय जी का यह दीक्षान्त उद्बोधन 14 दिसम्बर, 1929 को सम्पन्न हुआ था, अर्थात् काशी हिन्दू विश्वविद्यालय…

महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग एक)

 – अवनीश भटनागर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अपना कार्य अक्टूबर, 1917 में प्रारम्भ किया था। विश्वविद्यालय के बारहवें उपाधि-वितरण समारोह (14 दिसम्बर 1929 ई॰) के…