– वासुदेव प्रजापति व्यक्ति अकेला नहीं रह सकता। उसका जीवन जिन पर निर्भर है, उन सबके साथ वह तालमेल बिठाकर रहता है। व्यक्ति का जीवन…
Category: लेख
1857 का राष्ट्रीय स्वतन्त्रता संग्राम : एक विश्लेषण
– डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता 1857 का स्वतन्त्रता संग्राम पूरे भारत के नागरिकों के लिए उनके पूर्वजों के संघर्ष की वह कहानी है जिसका सारे विश्व…
कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त की भारत की विकसित शिक्षा प्रणाली : आओ जाने – 1
– प्रशांत पोळ हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था तथा पाठशालाएं अंग्रेजों ने प्रारंभ की, ऐसा कहा जाता है। अंग्रेज़ आने के पहले देश में शिक्षा…
श्रीराम – सुशासन के प्रतीक महापुरुष
भगवान श्रीराम अविनाशी परमात्मा है जो सबके सृजनहार व पालनहार हैं। भारत में ही नहीं, दुनिया में श्रीराम अत्यंत पूजनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं।
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-31 (विज्ञानमय कोश का विकास)
– वासुदेव प्रजापति विज्ञानं ब्रह्मेति व्यजानात् अपने पिता की आज्ञा पाकर भृगु ने तप किया, और तप करके जाना कि विज्ञान स्वरूप चेतन जीवात्मा ही…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-30 (मनोमय कोश का विकास)
– वासुदेव प्रजापति मनो ब्रह्मेति व्यजानात् आपके ध्यान में आया होगा कि एक ही कथा निरन्तर चल रही है। पुत्र भृगु अपने पिता वरुण के…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-29 (प्राणमय कोश का विकास)
– वासुदेव प्रजापति प्राणों ब्रह्मेति व्यजानात् इससे पूर्व की कथा में पिता वरुण के कहने पर भृगु ने तप किया और तप करके जाना कि…
अपडेट और आउटडेट
– दिलीप वसंत बेतकेकर ‘मोबाइल फोन किस-किसके पास है?’ ऐसा पूछने पर अनेक लोग प्रश्नार्थक मुद्रा से देखने लगे। सभी ने हाथ ऊपर किये। फिर…
Hybrid Learning – Schools reopening during Post Pandemic Period
– Ramakrishna Rao The global health pandemic has brought many challenges and vulnerabilities to the fore. Out of all the chief and major one…
சர்வதேச தாய்மொழி தினம்
மனித இனம் தோன்றியதுமுதல் மனிதர்கள் ஒருவருக்கொருவர் தங்களுக்குள் தொடர்பைஏற்படுத்திக் கொள்ளதாங்கள்; அறிந்தசொற்களைத் தொகுத்துமொழியாகமாற்றினர்;. உலகில் ஏறத்தாழஆறாயிரம் மொழிகள் பேசப்படுகின்றன. ஒருமொழியின் சிறப்புஅதன் தொன்மையில் இல்லை;தொடர்ச்சியில் தான் இருக்கிறது. ஒவ்வொரு மொழிக்கும் அந்தமொழிக்கேயுரிய சிறப்பம்சங்கள் உண்டு.…