सा विद्या या विमुक्तये
– डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी भारतीय संसद द्वारा राष्ट्र के समग्र विकास की परिकल्पना को साकार करने हेतु पारित की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने…
– वासुदेव प्रजापति मन की शिक्षा से तात्पर्य है, सदाचार की शिक्षा, सद्गुणों की शिक्षा व चरित्र की शिक्षा। इन सबको मिलाकर एक ही शब्द…
– शिरोमणि दुबे बन्धुओ! भारत दुनियां का अनादि राष्ट्र है। सर्वप्रथम अरुणाचल के आंगन में आदित्य देव की अरुणिम आभा सम्पूर्ण तेज के साथ…
– अवनीश भटनागर गुरु पूर्णिमा महोत्सव है। प्रतिवर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को यह उत्सव मनाया जाता है। इसे उत्सव क्यों कहा जाए? क्योंकि…
– शिव कुमार शर्मा शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा…
– प्रज्ञा जगतः सकलविद्याः ज्ञानानि च, भौतिकविज्ञानम् आहोस्वित् आत्मपरमात्मनोः अथवा मनसा सम्बद्धम् अध्यात्मविज्ञानं भवतु, सर्वेषां आदिमूलम् अर्थात् सर्वेषाम् आधारभूताः वेदाः सन्ति। वेदानाम् उपाङ्गस्वरूपेण दर्शनशास्त्राणि गृह्यन्ते।…
– Arpit Kumar Dubey Śrīmadbhagavadgītā (Bhagavadgītā) is a great Indian philosophical (Sāṁkhya–Yoga and Vedānta) text of Sanskrit language. It is a great manual for human…
– डॉ० पवन कुमार वर्तमान समय मानव जीवन के संक्रांति काल का है। संक्रांति से तात्पर्य अन्तः एवं एवं बाह्य जगत के परिवर्तन से है।…
– डॉ० सौरभ मालवीय मनुष्य का शरीर पंचभूत से निर्मित है। पंचभूत में पांच तत्त्व आकाश, वायु, अग्नि, जल एवं पृथ्वी सम्मिलित है। सभी प्राणियों…
– डॉ० मधुश्री सावजी विश्व में जनवरी का प्रारंभ आनंद से होता है। 2020 का प्रारम्भ एक छोटी से समाचार से हुआ कि चीन में…