सा विद्या या विमुक्तये
✍ विकास चौधरी माननीय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के भारतीय शिक्षा पर विचारों से अवगत तब हुए, जब 20 अगस्त, 1985 को ससंद के पटल पर…
– गोपाल माहेश्वरी “जीवन दीप जले ऐसा सब जग को ज्योति मिले, जीवन दीप जले।” संघ में गाए जाने वाले इस गीत के भाव जिनके…
✍ राजेन्द्र सिंह बघेल पिछले दिनों दिल्ली में एक पुराने मित्र से भेंट हुई। औपचारिक शिष्टाचार वार्ता के क्रम में ध्यान आया कि इतने वर्षों के बाद…
शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा के उद्देश्य उसके दर्शन…
✍ वासुदेव प्रजापति हम भारतवासी स्वयं को आर्य कहते थे और मानते थे। आर्य अर्थात संस्कारित, आर्य अर्थात श्रेष्ठ। वह व्यक्ति जो भौतिक स्तर से…
✍ D. Ramakrishna Rao NEP-20, envisages a big shift in the way we educate, as quality of learning is the core issue. It emphasizes more…
✍ विनोद जौहरी बसन्त ऋतु का आगमन, चमकीली गुनगुनी धूप, हवा में उड़ते हुए पुकेसरों की भीनी−भीनी मनभावन सुगंध, पतझड़ की निष्ठुरता झेल चुकी ठूंठ…
✍ वासुदेव प्रजापति भारत में दी जाने वाली शिक्षा कहलाती तो भारतीय ही है, परन्तु सही अर्थों में वह आज भी भारतीय नहीं है। कुछ…
चाँद किरण सलूजा भारत की प्राचीन-परम्परा में शिक्षा का अर्थ ही वस्तुतः ‘भाषा की शिक्षा’ देना रहा है तथा इस पर भली-भाँति अधिकार हो जाने…
✍ चाँद किरण सलूजा एक अच्छी शैक्षणिक संस्था वह है जिसमें प्रत्येक छात्र का स्वागत किया जाता है और उसकी देखभाल की जाती है, जहाँ…