– ललित गर्ग भगवान महावीर की जन्म जयन्ती मनाते हुए हमें महावीर बनने की तैयारी करनी होगी, हम महावीर को केवल पूजें ही नहीं, बल्कि…
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श्रीराम – सुशासन के प्रतीक महापुरुष
भगवान श्रीराम अविनाशी परमात्मा है जो सबके सृजनहार व पालनहार हैं। भारत में ही नहीं, दुनिया में श्रीराम अत्यंत पूजनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं।
राष्ट्र गुरु समर्थ रामदास स्वामी
– सौ. ममता गद्रे ।। ‘जगामधे जगमित्र । जिव्हेपासी आहे सूत्र’ ।। “ज्ञानदेवे रचिला पाया । कळस झळके वरी तुकयाचा त्यावरी भगवा फडकतो ।…
शक्ति, भक्ति एवं संगठन का अद्भुत संगम – समर्थ रामदास स्वामी
– शैलेश जोशी कहते है ईश्वर ने किसी भूमि पर जन्म लिया है तो वह भरतभूमि है। भारत यह अध्यात्म की भूमि है। भारत को…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-31 (विज्ञानमय कोश का विकास)
– वासुदेव प्रजापति विज्ञानं ब्रह्मेति व्यजानात् अपने पिता की आज्ञा पाकर भृगु ने तप किया, और तप करके जाना कि विज्ञान स्वरूप चेतन जीवात्मा ही…
आया है नूतन संवत्सर
– गोपाल महेश्वरी आया है नूतन संवत्सर लेकर नया विहान। लिख दे नीलगगन पर भारतजननी का जयगान।। फूंक रहा है चैत्र चेतना के…
डॉ० केशव बलिराम हेडगेवार एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व
– रवि कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज पूरे विश्व में चर्चा का विषय बना हुआ है। संघ शक्ति का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। संघ…
महात्मा ज्योतिबा फुले का शिक्षा दर्शन
– पांडुरंग कुलकर्णी विद्या बिना मति गयी ! मति बिना नीति गयी ! नीति बिना गती गयी ! गती बिना वित्त गया ! वित्त विना…
पालकों के समक्ष चुनौतियाँ और सुअवसर
– दिलीप वसंत बेतकेकर विवाह हुआ, पारिवारिक जीवन प्रारंभ हुआ, माता-पिता की श्रेणी में आ गये, अब शिकवा-शिकायत का कोई अर्थ नहीं होता। दिन-ब-दिन पालकों…
पाती बिटिया के नाम-23 (खामोशियों की मौत गंवारा नहीं है)
– डॉ विकास दवे खामोशियों की मौत गंवारा नहीं है मुझे शीशा हूँ टूट कर भी खनक छोड़ जाऊँगा प्रिय बिटिया! हिन्दू संस्कृति प्रारम्भ से…