– मृत्युंजय दीक्षित हिंदू समाज को छुआछूत जैसी घृणित परम्परा से मुक्ति दिलाने वाले महान संत रविदास का जन्म धर्मनगरी काशी के निकट मंडुआडीह में…
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शिशु शिक्षा 20 (नव दम्पति शिक्षण 5 – श्रेष्ठ माता पिता किसको कहते हैं?)
– नम्रता दत्त श्रेष्ठ माता पिता कौन हैं? – इस प्रश्न के उत्तर के लिए हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि संतान (बच्चा) किसकी…
साहसी बालिका मैना
– गोपाल महेश्वरी ज्वालामुखी पिता की बेटी, ज्वाला बनकर ही पलती है। उसे कहाँ भय जल जाने का, जिसमें क्रांति-ज्वाल जलती है। भगवान की पूजा…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 52 (विषयों में परस्पर सम्बन्ध)
– वासुदेव प्रजापति आज विद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले सभी विषयों का सम्बन्ध शास्त्रों से है। सभी शास्त्र परस्पर एक दूसरे से सम्बन्धित…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 51 (शास्त्रों की रचना एवं स्वरूप)
– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने जाना कि परमात्मा की इस सृष्टि में मनुष्य का अति विशिष्ट स्थान है। क्योंकि केवल मनुष्य में ही…
परिवार हो समाज पोषक
– दिलीप वसंत बेतकेकर औद्योगिक क्रांति के पश्चात जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अत्यधिक परिवर्तन हुए। परिवार प्रबन्धन भी अपवाद नहीं रहा। अनेक देशों में…
भारतीय भाषाओं का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान – 4
– डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता भाषा के बिना एक मनुष्य का दूसरे मनुष्य से सार्थक संवाद होना एक अत्यंत दुष्कर कार्य है अत: भाषाओं…
पाती बिटिया के नाम-41 (राष्ट्र भाषा के प्रयोग का आग्रह)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! गत पत्र से हमारी बातचीत का क्रम प्रारम्भ हुआ था कुछ स्मरणीय मुलाकातों का। आओ इस बार चर्चा करें…
आदर्श शिक्षक प्रो. राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ – 2
– राजेश लिटौरिया ‘प्रकाश’ प्रयाग में ही रज्जू भैया संघ के सम्पर्क में आए। बापूराव मोघे जी के आग्रह पर रज्जू भैया सन 1943 में…
आदर्श शिक्षक प्रो. राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ – 1
– राजेश लिटौरिया ‘प्रकाश’ श्रीमद्भगवत्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं- ‘न हि ज्ञानेन सदृश पवित्रमिह विद्यते।’ अर्थात् ज्ञान के समान पवित्र करने वाला संसार में…