– रवि कुमार जून से सितम्बर 1857 दिल्ली का संघर्ष शायद ही कोई जानता हो, शायद ही किसी पाठ्य पुस्तक में पढ़ाया गया हो और…
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भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 58 (सांस्कृतिक अर्थशास्त्र, भाग-1)
– वासुदेव प्रजापति आज का युग आर्थिक युग है, यह सभी मानने लगे हैं। जीवन अर्थनिष्ठ बन गया है और अर्थ ने जीवन में केन्द्रवर्ती…
पं० हजारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्य दर्शन
पं० हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट तथा सराहनीय योगदान रहा है। द्विवेदी जी निबंधकार, आलोचक और उपन्यासकार थे। लगभग सभी…
क्रांतिकारी विचारों के जनक विपिन चंद्र पाल
– चन्द्रभूषण त्रिवेदी भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास में ‘लाल-बाल-पाल’ प्रसिद्ध हैं। इनमें से विपिन चन्द्र पाल एक वीर स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ एक…
बच्चों को अवसर देकर तो देखिये
– राजेन्द्र बघेल आठवीं में पढ़ने वाली नम्रता कक्षा में एक दुबली पतली छात्रा थी। स्वभाव से बस संकोची भी थी। अतः मुश्किल से कोई…
भारत का लम्बा संघर्ष
– श्रीश देवपुजारी ६२२ ईस्वी से लेकर ६३४ ईस्वी तक मात्र १२ वर्षों में अरब के सभी मूर्ति पूजकों को मुहम्मद साहब ने इस्लाम की…
शांति और प्रेम का संदेश देती है बुद्ध पूर्णिमा
– मृत्युंजय दीक्षित वैशाख मास की पूर्णिमा का भारतीय संस्कृति व बौद्ध समाज में अद्वितीय स्थान है। न केवल बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले…
उत्तम स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है सम्यक निद्रा
– रवि कुमार आज की भागदौड़ वाली आधुनिक जीवन शैली ने मानव स्वास्थ्य के जिन पहलुओं को प्रभावित किया है, उनमें आहार के साथ निद्रा…
शिक्षण मतलब क्या पापा?
– दिलीप वसंत बेतकेकर ‘शिक्षा’ (शिक्षण) के विषय पर अनेक शिक्षा शास्त्रियों, विद्वानों द्वारा बहुत कुछ लिखा गया है। इसका अध्ययन करना आवश्यक है। शिक्षा…