– गोपाल माहेश्वरी देशद्रोही देश के दुश्मन से भी घातक अधिक है। राह के काँटे कुचलते जो बढ़ें हम वो पथिक हैं। “आजादी कभी गिड़गिड़ाते…
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कोरोना के कारण किशोर अवस्था के बच्चों में आएं परिवर्तनों का आकलन
– डॉ० मधुश्री सावजी विश्व में जनवरी का प्रारंभ आनंद से होता है। 2020 का प्रारम्भ एक छोटी से समाचार से हुआ कि चीन में…
बालक के पूर्ण विकास का विज्ञान ‘बाल क्रीडा कर्म’
-डॉ प्रज्ञा शरद देशपांडे चौंसठ कलाओं में से एक और सबसे महत्त्वपूर्ण कला ‘बाल क्रीडा कर्म’ (बच्चों का खेल) है। बाल का अर्थ है- “बलति…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 57 (सांस्कृतिक समाजशास्त्र)
– वासुदेव प्रजापति समाजशास्त्र एक मनुष्य का दूसरे मनुष्य के साथ रहने की व्यवस्था का शास्त्र है। साथ-साथ रहने की व्यवस्था किन सिद्धान्तों पर हुई…
मंत्र-साक्षात्कार का!
– दिलीप वसंत बेतकेकर अनेक प्रख्यात, यशस्वी लोगों के चरित्र पढ़ने पर ज्ञात होता है कि जीवन के प्रारम्भिक कुछ वर्षों में उन्होंने बहुत संघर्ष…
शिशु शिक्षा 25 (जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण-5)
– नम्रता दत्त शिशु का आहार एवं विहार विद्यालय में बच्चों की शारीरिक जांच कराई गई। डॉक्टर्स कक्षाशः अपनी रिपोर्ट देकर चले गए। बच्चों की…
‘विनाशपर्व’ का अंत
– प्रशांत पोळ गुरुवार, दिनांक २३ जून, १७५७ को अंग्रेजों ने बंगाल में प्लासी में युद्ध जीत लिया और पूरा बंगाल उनके कब्जे में आ…
भारतीय ज्ञान का खजाना – 6 (भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 1)
– प्रशांत पोळ गुजरात के सोमनाथ मंदिर के बाण-स्तंभ पर एक श्लोक उकेरा हुआ (लिखा हुआ) है – “आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत अबाधित ज्योतिर्मार्ग…!” [‘इस…
कोविड पश्चात् शिक्षा – विद्यालय व अभिभावकों की भूमिका
– विजय नड्डा विद्यालय प्रारम्भ होते ही सुनसान पड़े विद्यालय परिसर बच्चों की किलकारियों से फिर से गूंजने लगे हैं। विद्यालय प्रारम्भ होने से बच्चों,…
1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 1
– रवि कुमार 11 से 16 मई 1857, इन पांच दिनों में दिल्ली में जो हुआ वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।…