भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 80 (भारतीय शिक्षा में जीवन मूल्यों का ह्रास)

 ✍ वासुदेव प्रजापति सर्वप्रथम यह बात समझने योग्य है कि शिक्षा में मूल्य शब्द का प्रयोग भारतीय नहीं है। यह अंग्रेजी के ‘वेल्यु’ शब्द का…

चर्चा-संवाद का स्वास्थ्य पर प्रभाव

✍ रवि कुमार एक व्यक्ति नौकरी से आकर अपने कक्ष में कम्प्यूटर के सामने बैठकर अपने ऑनलाइन चैटरूम में व्यस्त रहता था। एक दिन उसका…

वल्लभाचार्य और शुद्धाद्वैत वेदान्त

✍ डॉ. गिरिधर गोपाल शर्मा वैदिक साहित्य के सिद्धान्तों की स्थापना उपनिषद् साहित्य में प्राप्त होने से उपनिषदों को वेदान्त कहा जाता है। अतः वेदान्त…

साहस शील हृदय में भर दे

✍ गोपाल माहेश्वरी सत्येंद्र आठवीं कक्षा का बहुत प्रतिभाशाली विद्यार्थी है। आज उसकी वार्षिक परीक्षा का तीसरा प्रश्नपत्र था। उसने बहुत अच्छी पढ़ाई की थी…

कक्षा में शैक्षिक परिणाम – एक प्रयोग

    ✍ राजेन्द्र सिंह बघेल प्रत्येक मनुष्य अपने द्वारा किए गए कार्य का अच्छा परिणाम चाहता है। इसके लिए वह विभिन्न प्रकार के प्रयत्न भी…

शिशु शिक्षा 37 – अनौपचारिक शिक्षा कैसे?

✍ नम्रता दत्त सजीव सृष्टि का परिचय आज पार्थ की मम्मी को ऑफिस से घर लौटने में देर हो गई थी और तीन वर्ष के…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 79 (पाश्चात्य शिक्षा की देन: हीनता बोध)

 ✍ वासुदेव प्रजापति हम भारतवासी स्वयं को आर्य कहते थे और मानते थे। आर्य अर्थात संस्कारित, आर्य अर्थात श्रेष्ठ। वह व्यक्ति जो भौतिक स्तर से…

शरीर आसन की स्थिति निर्दोष रहे!!

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर “हमारा राजू लेटे हुए पढ़ाई करता है कितनी बार कहा उसे कि ऐसी स्थिति में पढ़ाई ना करो, परन्तु मानता ही…

बलिदानी शरिश कुमार

✍ गोपाल माहेश्वरी रक्त में भीगी हुई वे लाल माटी पर पड़े थे, उम्र में छोटे सही वे लाल पर्वत से बड़े थे। जिस समय…

डॉक्टर हेडगेवार जी का हिंदुत्व!

✍ प्रशांत पोळ किसी व्यक्ति के कार्य का मूल्यांकन करना है, या उस व्यक्ति ने किये हुए कार्य का यश-अपयश देखना हैं, तो उस व्यक्ति…