✍ वासुदेव प्रजापति पश्चिम की व्यक्तिकेन्द्री व्यवस्था का दुष्परिणाम भारतीय स्त्रियों पर सर्वाधिक हुआ। स्त्रियों पर हुए दुष्परिणामों का असर परिवार इकाई पर होना स्वाभाविक…
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नागार्जुन का साहित्यिक परिचय
✍ डॉ. मीरा कुमारी वैद्यनाथ मिश्र जो नागार्जुन के नाम से प्रसिद्ध हुए। इनका जन्म 30 जून 1911 में उनके ननिहाल ‘सतलखा’ गाँव, मधुबनी जिले…
भारतीय ज्ञान का खजाना-21 (बाणस्तंभ)
✍ प्रशांत पोळ ‘इतिहास’ बड़ा चमत्कारी विषय है। इसको खोजते खोजते हमारा सामना ऐसी स्थिति से होता है कि हम आश्चर्य में पड़ जाते…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 84 (व्यक्तिकेन्द्री व्यवस्था के दुष्परिणाम)
✍ वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा का पश्चिमीकरण जिन सिद्धांतों के आधार पर किया गया, उनमें “व्यक्तिकेन्द्री जीवन रचना” प्रमुख सिद्धांत है। व्यक्तिकेन्द्री जीवन रचना से…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 83 (बुद्धि विभ्रम के कारण व परिणाम)
✍ वासुदेव प्रजापति अब तक हमने अंग्रेजी शिक्षा का हमारे मन और बुद्धि पर क्या परिणाम हुआ उसे जाना, अब हम ये जानेंगे कि उन्होंने…
शिशु शिक्षा 38 – संस्कार एवं चरित्र निर्माण
✍ नम्रता दत्त बाल मनोविज्ञान के अनुसार बालक का 85 प्रतिशत विकास छः वर्ष की अवस्था से भी पूर्व हो जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति…
श्रद्धावान लभते ज्ञानम्
✍ दिलीप वसंत बेतकेकर क्या सदैव ‘नारायण नारायण’ जपते रहते हो, इस खंभे में है तेरा नारायण? गुस्से से लाल, तमतमाते चेहरे से हिरण्यकश्यप ने…
स्वतंत्रता के सात दीवाने
✍ गोपाल माहेश्वरी राष्ट्रभक्ति जब छात्रशक्ति के हृदयों में फलने लगती है। पर्वत सी हो विकट चुनौती पत्ते सी हिलने लगती है।। स्वतंत्रता के आन्दोलनों…
भारतीय ज्ञान का खजाना-20 (भारतीय स्थापत्य शास्त्र भाग – दो)
✍ प्रशांत पोळ किसी भी वस्तु की वारंटी अथवा गारंटी का अनुमान, हम सामान्य लोग कितना लगा सकते हैं? एक वर्ष, दो वर्ष, पांच वर्ष…
शिशु का आहार-विहार
✍ रवि कुमार घर में शिशु रहता है तो आनन्द रहता है। घर में आने-जाने वाले सभी रिश्तेदार, ईष्ट-मित्र गण के लिए वह शिशु आकर्षण…