लोकनायक श्रीराम – ५

✍ प्रशांत पोळ अवधपुरी के राजप्रासाद में श्रीराम के युवराज्याभिषेक की तैयारियां चल रही है। मुहूर्त पर चर्चा हो रही है। राजा दशरथ, श्रीराम को…

রাষ্ট্রবাদী রবীন্দ্রনাথ

: কল্যাণ গৌতম রবীন্দ্রনাথের অনুভবে ভারতবর্ষের মর্যাদা কোথায় তার একটি উদাহরণ দিই। রবীন্দ্রনাথ তখন ইংল্যান্ডের কেনসিংটনে রয়েছেন। কবিবন্ধু ডি. এল রায়ের পুত্র দিলীপ কুমার রায়ও…

सात बरस का रघुनाथ भी

✍ गोपाल माहेश्वरी होता नहीं शस्त्र कोई भी जो साहस पर भारी हो। उम्र कहाँ बाध बनती है जब मन की तैयारी हो।। भक्ति भगवान…

रामायण सत कोटि अपारा-4 (विदेशों में रामकथा का प्रभाव)

✍ रवि कुमार प्रसिद्ध भजन है – “हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ तो, किस बात…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 104 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – अनुसंधान की देशव्यापी योजना)

 ✍ वासुदेव प्रजापति अध्ययन व अनुसंधान की देशव्यापी योजना बनाने से पूर्व हमें अनुभूति प्रमाण, धर्म प्रमाण और वेद प्रमाण पर पूरे देश में, विशेष…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 103 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – अनुसंधान में प्रमाण व्यवस्था)

 ✍ वासुदेव प्रजापति जब हम अध्ययन-अनुसंधान विषय पर विचार करते हैं तो सबसे पहला विचारणीय बिन्दु प्रमाण व्यवस्था ध्यान में आता है। क्योंकि अध्ययन-अनुसंधान के…

पृथ्वी तत्त्व विज्ञान

✍ डॉ. धीरेन्द्र झा हमारा जीवन एक यज्ञ हैं। हम इसमें वायु, जल, अन्न तथा प्रकाश के रूप में ऊर्जा की आहुति डालते रहते हैं।…

सकल जगत में खालसा पंथ गाजे, जगे धर्म हिन्दू तुरक धुंध भाजे

 ✍ सुखदेव वशिष्ठ विश्व में देश व धर्म की रक्षार्थ अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महापुरुष तो अनेक मिलेंगे परंतु अपनी तीन पीढ़ियों को इस…

नई संवत् की नई भोर

✍ गोपाल माहेश्वरी नवल और किसलय नववर्ष की तैयारियां करने में जुटे थे। हुआ यह कि अनके पिताजी का स्थानांतरण होने से वे इस महानगर…

बच्चन-झगरू-छटू की तिकड़ी

✍ गोपाल माहेश्वरी जिस दिन शंकर का त्रिशूल भी चूक जाए संधानों से। उस दिन रुकने की आशा करना भारत संतानों से।। गीता कहती है…