✍ प्रणय कुमार यह भारत-भू वीर प्रसूता है। यहाँ हर युग, हर काल में ऐसे-ऐसे वीर-वीरांगनाओं ने जन्म लिया, जिनके व्यक्तित्व एवं कर्त्तृत्व के आगे…
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अध्ययन के शत्रु – 3
✍ दिलीप बेतकेकर अभावग्रस्त नियोजन युद्ध के लिए केवल सेना और शस्त्र का होना ही पर्याप्त नहीं। केवल इन्हीं के आधार पर युद्ध में विजय…
21वीं शताब्दी का शिक्षक
✍ किशन वीर सिंह शाक्य 21वीं शताब्दी का शिक्षक हमारी कल्पना में कुछ विशेष है क्योंकि 21वीं शताब्दी में हमारे लिए करने के लिए अनेक…
लोकनायक श्रीराम – 8
✍ प्रशांत पोळ दानवों के निर्दालन तथा लंकाधिपती रावण की टोह लेते हुए श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण का दंडकारण्य में प्रवास चल रहा है। ऐसे…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 112 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा विद्यालय में करणीय प्रयास-3)
✍ वासुदेव प्रजापति नई व्यवस्था का विचार हमें भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु नई व्यवस्था का विचार करना होगा, शिक्षा का एक नया प्रतिमान गढ़ना…
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद – 29 अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस विशेष
✍ मुखतेज बधेशा 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में जन्मे मेजर ध्यानचंद का हॉकी के खेल में पूरी दुनिया में कोई सानी नहीं था, उन्होंने…
अष्टावधानी अध्यापकम्
मूल लेखकः (मराठी) दिलीप वसंत बेतकेकर अनुवादः (हिन्दी) डॉ. रमेश चौगांवकर प्रत्येक विद्यार्थी की सामाजिक आर्थिक, पारिवारिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि असमान रहती है। शिक्षक के लिए…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 111 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा विद्यालय में करणीय प्रयास-2)
✍ वासुदेव प्रजापति वर्तमान ढ़ाँचें की परिष्कृति शिक्षा के वर्तमान ढाँचें में सबसे पहले आन्तरिक परिष्कृति की आवश्यकता है। आन्तरिक परिष्कृति के उपाय बहुत सरल…
समरसता की सुधा
✍ गोपाल माहेश्वरी सुधांशु पाठक सायं चार बजे अपना कुर्ता पायजामा पहने कांधे पर झोला लटकाए अकेले निकल पड़ते अपने विद्या मंदिर की गोद ली सेवाबस्ती…