पालकों के समक्ष चुनौतियाँ और सुअवसर

– दिलीप वसंत बेतकेकर विवाह हुआ, पारिवारिक जीवन प्रारंभ हुआ, माता-पिता की श्रेणी में आ गये, अब शिकवा-शिकायत का कोई अर्थ नहीं होता। दिन-ब-दिन पालकों…

पाती बिटिया के नाम-23 (खामोशियों की मौत गंवारा नहीं है)

 – डॉ विकास दवे खामोशियों की मौत गंवारा नहीं है मुझे शीशा हूँ टूट कर भी खनक छोड़ जाऊँगा प्रिय बिटिया! हिन्दू संस्कृति प्रारम्भ से…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-30 (मनोमय कोश का विकास)

 – वासुदेव प्रजापति मनो ब्रह्मेति व्यजानात् आपके ध्यान में आया होगा कि एक ही कथा निरन्तर चल रही है। पुत्र भृगु अपने पिता वरुण के…

शिशु शिक्षा – 2 (वर्तमान अवधारणा एवं भारतीय अवधारणा)

– नम्रता दत्त जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने शिक्षा के संदर्भ में कहा – ‘सा विद्या या विमुक्तये’। ‘शिक्ष’ धातु से उत्पन्न शिक्षा का अर्थ है…

संकीर्तन संजीवनी से समाज को चेतन करने वाले : श्री चैतन्य महाप्रभु

 – गोपाल महेश्वरी “चैतन्य देव का ज्ञान सौर-ज्ञान था, ज्ञानसूर्य का प्रकाश था और उनके भीतर भक्तिचन्द्र की शीतल किरणें भी थी। ब्रह्मज्ञान और भक्ति…

संत तुकाराम यांचे जीवन दर्शन

 – सौ. प्रांजली अजय आफळे अणुरेणिया थोकडा । तुका आकाशाएवढा ।।१।। या ओळीतच संत तुकारामांचे सूक्ष्मातून प्रचंडाकडे जाणारे समग्र, विस्तृत व व्यापक व्यक्तिचित्र दडले आहे।…

स्वामी दयानन्द जी का शिक्षा दर्शन

– प्रो. बाबूराम स्वामी दयानंद जी के बचपन का नाम मूलशंकर था, उनका जन्म 1824 में काठियावाड़, गुजरात के टंकरा में हुआ था। बचपन से…

अपडेट और आउटडेट

 – दिलीप वसंत बेतकेकर ‘मोबाइल फोन किस-किसके पास है?’ ऐसा पूछने पर अनेक लोग प्रश्नार्थक मुद्रा से देखने लगे। सभी ने हाथ ऊपर किये। फिर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-28 (अन्नमय कोश का विकास)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने जाना कि व्यक्तित्व विकास का भारतीय प्रतिमान है – “समग्र विकास प्रतिमान।” समग्र विकास प्रतिमान के दो आयाम हैं…

पाती बिटिया के नाम-21 (मेरी चार सलाह)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! इन दिनों तुमको लिखने-पढऩे का शौक चर्राया है। बेटे! आपकी आयु में सबको लिखने का अत्यधिक शौक रहता है…