शिक्षा और सामाजिक संचेतना

 – लक्ष्मीकान्त सिंह शिक्षा के मूल दृष्टिकोण साधारणतया शिक्षा के दो पक्ष/दृष्टिकोण होते हैं। प्रथम यह है कि शिक्षा प्रतिभा विकास की प्रक्रिया हैं, अर्न्तनिहित…

शिशु शिक्षा 22 ( जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण 2)

 – नम्रता दत्त शिशु के विकास में सहायक सही आदतें जन्म से एक वर्ष का शिशु पूर्णतः परावलम्बी अर्थात् दूसरों पर आश्रित होता है। अन्य…

स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ और वैदिक गणित

– स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ का जन्म 14 मार्च 1884 (चैत्र शुक्ल तृतीया) को तिन्निवेलि (Tinnevally) तमिलनाडु में एक विद्या-विनय सम्पन्न परिवार में हुआ था।…

उत्तम आहार के रूप में जल का सेवन

 – रवि कुमार ‘जल ही जीवन है’, ‘बिन पानी सब सून’, ‘कोस कोस पर बदले पानी’, ‘जल है तो कल है’ आदि अनेक कहावतें हमने…

वीर बालक बिशन सिंह कूका

 – गोपाल महेश्वरी देशधर्म पर बलि हो जाना बचपन से जो सीख चुके। अत्याचार-क्रूरता-पशुता झेल गए पर नहीं झुके।। 1857 का स्वतंत्रता संग्राम सब देशभक्तों…

नारी स्वातंत्र्य का भारतीय प्रतिमानः सावित्री बाई फुले

 – अवनीश भटनागर समाज में सदियों से चली आ रही रूढ़ियों को समाप्त करने तथा सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए दो बातें अत्यन्त…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रतिबिम्बित स्कूल शिक्षा के मानक

 – डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी भारतीय समाज में आदर्श विद्यालय और शिक्षण संस्थान की अवधारणा हमेशा से ही विद्यमान रही है। प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति…

बच्चों के लिए शाला का चयन

 – दिलीप वसंत बेतकेकर “प्रवेश प्रारम्भ! सीमित स्थान! प्रथम आने वाले को प्रथम प्रवेश! आज ही अपना नाम पंजीकृत कराएं!” किसी व्यवसाय या कम्पनी से…

Renegades fighting the Raj in a foreign land

 – Shalini Umachandran In his latest book, ‘Rebels Against the Raj’, historian Ramachandra Guha tells the stories of seven foreigners in India who opposed British…

पाती बिटिया के नाम-43 (पुरुषार्थ और प्रतिभा)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम यदि एक बार दृढ़ निश्चय कर लें और श्रमनिष्ठा हृदय में हो तो सफलताएँ स्वयं चलकर चरण चूमती…