– दिलीप वसंत बेतकेकर ‘अध्ययन और आनंद एक साथ’! ‘अध्ययन और आनंद’ इन दोनों की आपस में क्या मित्रता हो सकती है? क्या कोई अध्ययन…
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निर्भीक किशोर-ननी गोपाल
– गोपाल माहेश्वरी कल्पना भी आज उसकी है भला संभव कहीं, यातना यमयातना से बढ़ शहीदों ने सही। “कितने साल के हो?” अंग्रेज़ न्यायाधीश क्रूर…
Bankim Chandra Chatterjee and Vande Mataram
– Jagadindra Raychoudhury British came to India as the East India Company for some business purpose and during that time India was divided into some…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 55 (‘भाषा’ का सांस्कृतिक स्वरूप भाग एक)
– वासुदेव प्रजापति भाषा मनुष्य के व्यक्तित्व के साथ अविभाज्य अंग के समान जुड़ी हुई है। भाषा विहीन व्यक्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा…
शीतल पेय से दूर रहो, स्वस्थ रहो
– दिलीप वसंत बेतकेकर सर्दी का मौसम समाप्त होकर जब गर्मी का मौसम शुरू हो रहा होता है, शीतल पेय दिखते ही मन ललचाता है…
पाती बिटिया के नाम-45 (ईमानदारी दिखावटी गहना नहीं)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! प्रतिदिन समाचार-पत्र पढऩे की आदत तो तुमने बना ही ली होगी। वैसे भी वर्तमान घटनाचक्र से हमें सदैव परिचित…
शिशु शिक्षा 23 (जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण-3)
– नम्रता दत्त नवजात शिशु के रोग एवं घरेलू उपचार गर्भावस्था में शिशु केवल माता की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति (आहार-विहार) से प्रभावित होता है।…
अंग्रेजों का न्यायपूर्ण शासन? – 1
– प्रशांत पोळ ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज़, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख…
1857 के स्वातन्त्र्य समर में दिल्ली की स्वतंत्रता
– रवि कुमार 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर 11 मई को मेरठ से प्रारम्भ हुआ। दिल्ली इस समर के प्रमुख केंद्रों में से एक था।…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 54 (पठनीय विषयों का सांस्कृतिक स्वरूप)
– वासुदेव प्रजापति भारतीय ज्ञानधारा का मूल अधिष्ठान अध्यात्म है। अध्यात्म जब नियम व व्यवस्था में रूपान्तरित होता है, तब वह धर्म का स्वरूप…