महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 2

– कुलदीप मेहंदीरत्ता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रभावित प्रेमचन्द : महात्मा गाँधी के प्रभाव से न केवल भारतीय बल्कि पाश्चत्य जगत के लेखक…

महान साहित्यकार प्रेमचन्द का साहित्य दर्शन भाग – 1

– डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता   “साहित्यकार का काम केवल पाठकों का मन बहलाना नहीं है। यह तो भाटों और मदारियों, विदूषकों और मसखरों का ही…

भारतीय शिक्षा के मनीषी : श्री लज्जाराम तोमर

 – वासुदेव प्रजापति मा. लज्जारामजी तोमर की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनके शैक्षिक चिन्तन का पुण्य स्मरण करने हेतु यह लेख प्रस्तुत है। तोमरजी…

सरस्वती शिशु मंदिर योजना और राणा प्रताप सिंह

 – राजेन्द्र बघेल शिक्षा जगत में आज विद्या भारती और उसके महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा सर्वदूर होती है। यह योजना स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात सुनियोजित…

संत कबीर का ज्ञान विमर्श

– डॉ० ऋतु भारतीय चिंतन परंपरा में ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राचीन वाङमय में इस चिंतन की सुदीर्घ परंपरा उपलब्ध है। अनेक मनीषियों ने इस पर गहन चिंतन-मनन किया है।…

संत कबीर का शिक्षा-दर्शन

 – डॉ. वन्दना शर्मा   हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल में संत कबीर प्रेम-प्लावित ज्ञानदीप लेकर एक शक्ति पुंज के रूप में अवतरित हुए। उन्होंने अपनी…

एक अलौकिक व्यक्तित्व छत्रपति शिवाजी

– श्रीराम आरावकर ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी विक्रमी संवत 1631 (6 जून 1674) का शुभ दिन। रायगढ़ में जनसमुदाय उत्साह की तरंगों पर मानो झूम कर…

रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान हमेशा याद रहेगा

– निखिलेश महेश्वरी “सती होने से अच्छा है नारी शस्त्रु से युद्ध भूमि में उसका दमन करते हुए अपने प्राणोत्सर्ग करे।” भारत के इतिहास को…

अमर बलिदानी भगवान बिरसा मुंडा

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता अंग्रेजों के शासन के विरुद्ध भारत देश के विभिन्न भौगोलिक प्रदेशों में और सामाजिक वर्गों ने स्वतन्त्रता प्राप्त करने के लिए…

वह अमर छलांग – स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर

 – गोपाल महेश्वरी पानी पर लिखी हुई बातें लिखते- लिखते बह जाती हैं। नहीं शेष उनकी किंचित स्मृतियाँ भी रह जाती हैं। पर एक सदी…