– अवनीश भटनागर युग नायक तथा युग प्रवर्तक सामान्य रूप से समाज जीवन में किसी भी श्रद्धास्पद विभूति के लिए उपयोग किए जाने वाले शब्द…
Category: व्यक्तित्व
युवाओं के लिए प्रेरणा है देश-धर्म के लिए गुरु पुत्रों का बलिदान
– निखिलेश महेश्वरी देश, धर्म और संस्कृति के लिए समर्पण एवं बलिदान की भारत में एक गौरवपूर्ण परंपरा रहीं है जो संपूर्ण विश्व में कहीं…
स्वामी श्रद्धानन्द – भारतीय संस्कृति के गौरव के संरक्षक
– डॉ० अश्वनी कुमार स्वामी श्रद्धानन्द का जन्म 2 फ़रवरी सन् 1856 (फाल्गुन कृष्ण त्र्योदशी, विक्रम संवत् 1913) को पंजाब प्रान्त के जालन्धर जिले…
स्वतन्त्रता, समानता और बन्धुता के पुरोधा डॉक्टर भीमराव आंबेडकर
– निखिलेश महेश्वरी भारतीय सनातन संस्कृति अनादि, अनंत और चिर पुरातन है। अपनी सनातन संकृति ने अनेक उतार चढाव, संघर्ष के साथ अपने को सुरक्षित…
श्री गुरु तेगबहादुर जी – 400 साला प्रकाश वर्ष – 2
– इन्द्रजीत कौर नवीन नगर ‘चक्क नानकी’ की नींव 19 जून 1665 को रखकर नगर वासियों को भी उपदेश देकर गुरुजी अपने परिवार एवं अन्य…
श्री गुरु तेगबहादुर जी – 400 साला प्रकाश वर्ष – 1
– इन्द्रजीत कौर श्री गुरु तेगबहादुर जी का जन्म वैसाख वदि पंचमी सम्वत् 1678 अनुसार 1 अप्रैल, 1621 ई. को माता नानकी जी के पवित्र…
भारतीय शिक्षा विचार के प्रसार में स्व लज्जाराम तोमर की भूमिका
– अवनीश भटनागर स्वतंत्रता के 75 वर्ष बाद भी शिक्षा में भारतीयता के विचार की चर्चा आते ही शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों के कान खड़े हो…
गिजुभाई बधेका : शिक्षक और सर्जक
– अनिल रावल गुजरात में परंपरागत शिक्षा प्रणाली में आमूल परिवर्तन लाने के लिए साहित्य सर्जन और नूतन शिक्षा पद्धति द्वारा क्रांति करने वाले गिजुभाई…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा- 28 (भारतीय शिक्षा दर्शन)
– रवि कुमार शिक्षा समाज व राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। शिक्षा क्या है और शिक्षा की क्यों आवश्यकता है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न…
Contributions of Shri Aurobindo Ghosh towards Education
– Aditya Narayan Rao Guru Brahma, Guru Vishnu, Guru devo Maheshwara Guru sakshat, param Brahma, tasmai shri guravay namah The Indian culture is rich in…