– वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कारों को समझा है। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ के अन्तर्गत दो प्रकार के संस्कारों को जाना। पहले प्रकार…
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शिक्षा को प्रौद्यौगिकी का समर्थन : सशक्त भारत का निर्माण
– डॉ. शिरीष पाल सिंह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौद्यौगिकी का उपयोग तथा एकीकरण एवं ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा द्वारा प्रौद्यौगिकी के न्यायसंगत…
विरुद्ध आहार
– रवि कुमार क्या कभी प्रातःकाल अचानक पेट दर्द, खट्टी डकार या दस्त हुए है? क्यों हुए इसका कारण खोजने का प्रयास हुआ? शायद…
पाती बिटिया के नाम-34 (रंग कैसे-कैसे?)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! रंगों के पर्व होली की ढेरों शुभकामनाएँ। जब बात होती है रंगों की तो याद आने लगती है धमाल,…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-27 (21वीं सदी के अभिभावकों की शिक्षा)
– रवि कुमार ‘अभिभावक’ शब्द पर विचार करते हैं तो ध्यान में आता है माता-पिता। एक शब्द और चलता है – ‘पाल्य या पालक’ अर्थात्…
शिशु शिक्षा-13 (दश वर्षाणि ताङयेत्)
– नम्रता दत्त अभी तक शिशु शिक्षा की श्रृंखला में हमने लालयेत् पंचवर्षाणि की चर्चा की। शैशवास्था अर्थात् 0 से 05 वर्ष में शिशु शिक्षा…
मूल्यांकन प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन
– डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी वर्तमान में प्रचलित शिक्षा प्रणाली शिक्षकों द्वारा अध्यापन और विद्यार्थी को सीखने का पूरा प्रयास परीक्षाओं में अच्छे परिणाम प्राप्त…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 41 (मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कार)
– वासुदेव प्रजापति हम संस्कारों को तीन सन्दर्भों में समझ सकते हैं। ये तीन सन्दर्भ हैं —। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में सामाजिक-सांस्कृतिक सन्दर्भ में पारम्परिक कर्मकांड…
Anniversary of NEP-2020: Vidya Bharati’s role – Way Forward
– D. Ramakrishna Rao Vidya Bharathi has been putting it’s all out efforts and providing unstinted support to the government at policy preparation stage of…
अपयश को भी झेलो!
– दिलीप वसंत बेतकेकर अपयश किसको अच्छा लगता है? किसी को भी नहीं। प्रत्येक व्यक्ति को सफलता और यश ही चाहिए परन्तु क्या वास्तव में…