विद्या भारती – व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण

 – वासुदेव प्रजापति भारत विश्व का प्रथम राष्ट्र है। विश्व के अनेक राष्ट्र जब पशुवत जीवन जीते थे, तब भारत ने ही उन्हें सभ्यता व…

ज्ञान की बात 42 (सामाजिक-सांस्कृतिक सन्दर्भ में संस्कार)

 – वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कारों को समझा है। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ के अन्तर्गत दो प्रकार के संस्कारों को जाना। पहले प्रकार…

विरुद्ध आहार

 – रवि कुमार   क्या कभी प्रातःकाल अचानक पेट दर्द, खट्टी डकार या दस्त हुए है? क्यों हुए इसका कारण खोजने का प्रयास हुआ? शायद…

पाती बिटिया के नाम-34 (रंग कैसे-कैसे?)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! रंगों के पर्व होली की ढेरों शुभकामनाएँ। जब बात होती है रंगों की तो याद आने लगती है धमाल,…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-27 (21वीं सदी के अभिभावकों की शिक्षा)

 – रवि कुमार ‘अभिभावक’ शब्द पर विचार करते हैं तो ध्यान में आता है माता-पिता। एक शब्द और चलता है – ‘पाल्य या पालक’ अर्थात्…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 41 (मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में संस्कार)

 – वासुदेव प्रजापति हम संस्कारों को तीन सन्दर्भों में समझ सकते हैं। ये तीन सन्दर्भ हैं —। मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में सामाजिक-सांस्कृतिक सन्दर्भ में पारम्परिक कर्मकांड…

अपयश को भी झेलो!

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अपयश किसको अच्छा लगता है? किसी को भी नहीं। प्रत्येक व्यक्ति को सफलता और यश ही चाहिए परन्तु क्या वास्तव में…

पाती बिटिया के नाम-33 (गणपति बप्पा-मोरिया!!!)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! लो गणेश चतुर्थी आ पहुँची। गणपति बप्पा मोरिया के नारों के साथ एक बार फिर लगातार दस दिनों तक…

ज्ञान की बात 40 (संस्कार परम्परा)

 – वासुदेव प्रजापति संस्कार शब्द का प्रयोग सर्वत्र प्रचलित है। शिक्षा में संस्कारों का अभाव सर्वविदित है। विशेष रूप से शिशु शिक्षा में संस्कारों का…

ऋतुचर्या अनुसार भोजन

 – रवि कुमार जुलाई-अगस्त का मास है। वर्षा होने की संभावना है। घर के सदस्यों में चर्चा चल रही है और वर्षा होने लगती है।…