सा विद्या या विमुक्तये
-रवि कुमार 21वीं शताब्दी के भारत की चर्चा केवल भारत ही नहीं तो बल्कि विश्व में सर्वत्र है। 21वीं शताब्दी का भारत कैसा होगा, यदि…
राजेन्द्र सिंह रामकृष्ण मिशन एक भारतीय धार्मिक और सामाजिक संगठन है जिसकी स्थापना स्वामी विवेकानंद ने 1 मई 1897 को बेलूर कोलकाता में की थी।…
– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…
– चेतनानन्द सेवा तो हो, पर सेवा करने वाला दिखायी न दे, प्रदर्शन न हो, कर्तृत्त्व अभिमान न हो और परिणाम पाने की रंचमात्र भी…
– संतोष कुमार दिवाकर क्या रामकृष्ण मिशन केवल एक संस्थागत कदम था, या यह एक महामानव की उस असीमित दिव्य दृष्टि का प्रतिबिंब था, जो…
– ऋचा सिंह श्रीराम को सनातन धर्म में विष्णु का अवतार माना गया है। लोग उनको भगवान और आराध्य मान कर पूजार्चन करते हैं। लेकिन…
– नीलू शेखावत राजस्थान के रंगीन पर्वों की यात्रा श्रावण की शुक्ला तीज से शुरू होकर चैत की शुक्ला तीज तक चलती है। तीज और…
– प्रो. आनंदप्रकाश त्रिपाठी जैन दर्शन में जैन शब्द जिन से बना है। जिन का मतलब होता है जितेन्द्रिय अर्थात जिन्होंने अपनी इंद्रियों को जीत…
– प्रोफेसर बाबूराम (डी.लिट्.) भारत विश्व की प्राचीनतम तथा श्रेष्ठतम सभ्यता एवं संस्कृति के ऋषिप्रधान और कृषिप्रधान राष्ट्र के रूप में विश्वविख्यात रहा है। भारत…
– डॉ. सौरभ मालवीय भारतीय नववर्ष के साथ अनेक त्यौहार आते हैं। इनमें चैत्र शुक्लादि, नवरेह, गुड़ी पड़वा, उगादि, साजिबु नोंगमा पांबा अथवा साजिबु चेराओबा…