– डॉ. शिवानी कटारा भारत एक बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है, जहाँ शिक्षा के क्षेत्र में भाषा का प्रश्न सदैव महत्त्वपूर्ण रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति…
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जनजातीय गौरव दिवस – धरती आबा बिरसा मुंडा
– निखिल महेश्वरी भारत का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय आंदोलन एक दीर्घ और प्रेरणादायी यात्रा रही है, जिसमें हर आयु वर्ग के युवा, महिला, बुजुर्ग…
भारतीय-ज्ञान-परम्परायाम् बुद्धिः इत्यनया अभिप्रायः
– चान्दकिरणः व्यवसायात्मिका बुद्धिरेकेह कुरुनन्दन। बहुशाखा ह्यानन्ताश्च बुद्धयोऽव्यवसायिनाम्॥ (अर्थात् हे अर्जुन! अस्मिन् लोके कर्मयोगे प्रवृत्तिशीला बुद्धिः एका एव। परन्तु अप्रवृत्तिशीलानाम् अस्थिर-चित्तानां जनानां बुद्ध्यस्तु बहुभेदाः अनन्ताश्च…
पंडित दीनदयाल उपाध्याय – व्यक्ति नहीं विचार दर्शन है
– डॉ. सौरभ मालवीय “भारत में रहने वाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन हैं। उनकी जीवन प्रणाली, कला,…
समाज में पनपतीं गाली गलौज प्रवृत्ति का तरुणों पर नकारात्मक प्रभाव और निवारण
– डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’ आजकल समाज में सभी उम्र के नर नारी में बात बात पर गाली गलौज करने की आदत बढ़ती ही जा…
क्या हैं आरएसएस के पंच परिवर्तन
– डॉ. इंदिरा दाँगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक शताब्दी पुराना एक ऐसा संगठन है जिसे देश सेवा, आपात स्थितियों में नागरिक-सहायता और सांस्कृतिक उत्थान के…
2047 का विश्व गुरु भारत
– रवि कुमार भारत विश्व गुरु रहा है और 21वीं शताब्दी में पुनः उसी दिशा में अग्रसर है। 2012 के बाद राष्ट्र शक्ति के जनजागरण…
भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार – भाग तीन (अन्तःकरण व उसकी शिक्षा)
– ब्रज मोहन रामदेव करण अर्थात् उपकरण या साधना। ज्ञान प्राप्त करने के दो साधन है। 1. बाह्य करण 2. अन्तः करण। ज्ञानेन्द्रियां कर्मेन्द्रियां बाह्य…
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : अडिग प्रतिज्ञा, अजेय प्रताप
– प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा हल्दी घाटी युद्ध में अकबर की सेना संख्या में महाराणा प्रताप की सेना से चार गुना अधिक थी। मुगल सेना…
21वीं शताब्दी में मन की शिक्षा
– डॉ. किशनवीर सिंह शाक्य पूर्व आचार्य, विद्या भारती मन की शिक्षा का सामान्य अर्थ है कि शिक्षा में वे सभी आयाम हों जिससे विद्यार्थियों…