कोरोना चला स्कूल खुला

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था- “जब समस्या आती है तब हम जिस प्रकार विचार करते हैं वैसा ही विचार करके उस…

1857 के स्वातन्त्र्य समर में दिल्ली की स्वतंत्रता

 – रवि कुमार 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर 11 मई को मेरठ से प्रारम्भ हुआ। दिल्ली इस समर के प्रमुख केंद्रों में से एक था।…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 53 (शिक्षा में अंगांगी भाव का विचार)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने अंगांगी भाव को विभिन्न आयामों में समझा है। आज हम अंग और अंगी के सम्बन्ध में आवश्यक अनिवार्यताओं को…

शिक्षा और सामाजिक संचेतना

 – लक्ष्मीकान्त सिंह शिक्षा के मूल दृष्टिकोण साधारणतया शिक्षा के दो पक्ष/दृष्टिकोण होते हैं। प्रथम यह है कि शिक्षा प्रतिभा विकास की प्रक्रिया हैं, अर्न्तनिहित…

भारत केन्द्रित मातृभाषा शिक्षा

– पंकज सिन्हा   शिक्षा की प्रकृति एक सृष्टि है। सृष्टिकर्ता है – माता। वह माता, जो मानव सृष्टि के बीज़ को अपने गर्भ में…

विद्यालय का संस्कारक्षम वातावरण

 – राणा प्रताप सिंह जिसके लिए प्रत्येक माता-पिता व शिशु तृषित नेत्रों से निहारते रहते हैं। बालक के विकास में वैयक्तिक प्रतिभा (वंश परम्परा की…

राष्ट्र जीवन में मकर संक्रांति का महत्व

 – डॉ. राम देशमुख मनुष्य जीवन के प्रत्येक क्रियाकलापों का उसके परिवार, वह जिस समाज में रहता है वह समाज एवं प्रकृति के साथ घनिष्ठ़…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 49 (शिक्षा का सांस्कृतिक स्वरूप)

 – वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा को जानने व समझने के लिए ज्ञान की बात नामक पाक्षिक स्तम्भ प्रारम्भ किया गया है। आज से ज्ञान की…

पाती बिटिया के नाम-40 (दोष हमारा, श्रेय राम का)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! अनायास समाचार पत्रों में पढऩे को मिला कि मा. आचार्य विष्णुकांतजी शास्त्री अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे। पढ़ते…

भारत में शिक्षा व्यवस्था

– अवनीश भटनागर भारत में समाज निर्माणकारी शिक्षा की संकल्पना थी। वेद, पुराण, उपनिषदों के लेखकों की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है और न ही…