शिक्षा के मॉडल में आमूलचूल परिवर्तन का सही समय : कोरोना पूर्व एवं पश्चात्

 – डॉ० विकास दवे इस समय संपूर्ण विश्व कोरोना के संकट काल से गुजर रहा है। इस विषाणु ने पूरी दुनिया को एक बार फिर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-9 (ज्ञानार्जन के साधन : बुद्धि)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने जाना कि कर्मेन्द्रियों से ज्ञानेन्द्रियाँ अधिक प्रभावी हैं और ज्ञानेन्द्रियों से मन अधिक प्रभावी है। मन इसलिए अधिक प्रभावी…

कोरोना और बाल मनोविज्ञान

 – डॉ विकास दवे कोरोना विषाणु की महामारी केवल भारतीय समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक नया तथा विज्ञान और मनोविज्ञान से…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-8 (ज्ञानार्जन के साधन : मन)

 – वासुदेव प्रजापति ज्ञान प्राप्त करने के साधनों में अब तक हमने बहिःकरण के अन्तर्गत कर्मेन्द्रियों एवं ज्ञानेन्द्रियों को समझा। हमने यह भी जाना कि…

‘वर्तमान परिदृश्य एवं हमारी भूमिका’ विषय पर प.पू. सरसंघचालक डॉ० मोहन भागवत जी का बौद्धिक वर्ग – 26 अप्रैल 2020

माननीय महानगर संघचालक जी, संघ के अधिकारीगण, आत्मीय स्वयंसेवक बंधु, सज्जनवृंद माता, भगिनी। एक विशिष्ट परिस्थिति में आधुनिक तकनीकी का उपयोग करके पर्दे पर हमारी…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-7 (ज्ञानार्जन के साधन: अंत:करण)

–  वासुदेव प्रजापति अब तक हमने ज्ञानार्जन के बहिकरण कर्मेन्द्रियों व ज्ञानेन्द्रियों को जाना। ज्ञानार्जन के साधनों को जानने के क्रम में आज हम अन्त:करण…

A NOTE ON VIDYA BHARATHI – CORONA PANDEMIC DEVELOPING TECH-SAVY TEACHERS

 -D. Ramkrishana Rao Full blown Corona pandemic world over has resulted in an unprecedented situation of total lockdown and new awareness for maintaining social distancing.…

कोरोना की महामारी और तकनीक प्रवीण आचार्यों की तैयारी

 -डी० रामकृष्ण राव विश्वव्यापी कोरोना महामारी की अचानक आ गई समस्या से व्यापक लॉकडाउन के परिणामस्वरूप सामाजिक दूरी अपनाने को बाध्य कर दिया है। इन…

GLOBAL TRENDS IN EDUCATION OF 21ST CENTURY – CHALLENGES AND APPROACH

 – Ramakrishna Rao India is poised to become a global leader and super power as per the opinion and prediction of experts and analysts. At…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-6 (ज्ञानार्जन के साधन: ज्ञानेन्द्रियाँ)

– वासुदेव प्रजापति कमेंन्द्रियाँ के समान ही ज्ञानेन्द्रियाँ भी बहिःकरण हैं। अर्थात् ज्ञानेन्द्रियाँ भी ज्ञानार्जन के बाहरी साधन हैं। इनके नाम से ही स्पष्ट है…