भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-11 (ज्ञानार्जन के साधन : चित्त)

 – वासुदेव प्रजापति अन्त:करण का चौथा और अन्तिम साधन है, चित्त। चित्त अद्भुत है, यह बुद्धि व अहंकार से भी सूक्ष्म है। इसे हम एक…

TEACHER’S ROLE – PRESENT & POST COVID ERA

 – D.Ramakrishna Rao The impact of Covid-19 on education has been staggering and all the students are out of the school. The most common response…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-1

 – Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar The whole world is suffering with covid-19 pandemic. Many a measure are being observed by…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-10 (ज्ञानार्जन के साधन : अहंकार)

 – वासुदेव प्रजापति   ज्ञानार्जन के साधनों में अन्त:करण प्रमुख साधन है। अन्त:करण के चारों साधनों में हमने मन और बुद्धि को जाना। बुद्धि के…

Hybrid Schools: Blended Learning

        Government of India is looking at opening schools and colleges in Unlock 0.2 beginning July 1, 2020.  It’s time to focus…

वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-2

 – वासुदेव प्रजापति जीवन एक व अखण्ड़ है भारत की दृष्टि में जीवन एक है, यही एक जीवन जन्मजन्मान्तरों में अखण्ड चलता रहता है। एक…

वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-1

  – वासुदेव प्रजापति आज संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त है। इस समय सभी देश अपने-अपने देशवासियों को कोरोना विषाणु से बचाने…

शिक्षा के मॉडल में आमूलचूल परिवर्तन का सही समय : कोरोना पूर्व एवं पश्चात्

 – डॉ० विकास दवे इस समय संपूर्ण विश्व कोरोना के संकट काल से गुजर रहा है। इस विषाणु ने पूरी दुनिया को एक बार फिर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-9 (ज्ञानार्जन के साधन : बुद्धि)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने जाना कि कर्मेन्द्रियों से ज्ञानेन्द्रियाँ अधिक प्रभावी हैं और ज्ञानेन्द्रियों से मन अधिक प्रभावी है। मन इसलिए अधिक प्रभावी…

कोरोना और बाल मनोविज्ञान

 – डॉ विकास दवे कोरोना विषाणु की महामारी केवल भारतीय समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक नया तथा विज्ञान और मनोविज्ञान से…