शिक्षक कक्षा या विषय के नहीं, विद्यार्थी के!

 – भालचन्द्र रावले इस वर्ष 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव है। प्रतिवर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को यह उत्सव मनाया जाता है। इसे उत्सव क्यों माना जाए, क्योंकि इसी दिन शिष्य अपने गुरु का पूजन कर, अभ्यर्थना कर अपने…

Teaching for Nation-Building

 – Asit Mantry Teacher plays the key role in any educational system. Education without a teacher is just like a body without a soul, skeleton…

तस्मै श्रीगुरवे नम:

 – वासुदेव प्रजापति अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं  दर्शितं  येन  तस्मै  श्रीगुरवे  नम।। उस महान गुरु का अभिवादन! जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त है, चर…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-11 (ज्ञानार्जन के साधन : चित्त)

 – वासुदेव प्रजापति अन्त:करण का चौथा और अन्तिम साधन है, चित्त। चित्त अद्भुत है, यह बुद्धि व अहंकार से भी सूक्ष्म है। इसे हम एक…

TEACHER’S ROLE – PRESENT & POST COVID ERA

 – D.Ramakrishna Rao The impact of Covid-19 on education has been staggering and all the students are out of the school. The most common response…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-1

 – Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar The whole world is suffering with covid-19 pandemic. Many a measure are being observed by…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-10 (ज्ञानार्जन के साधन : अहंकार)

 – वासुदेव प्रजापति   ज्ञानार्जन के साधनों में अन्त:करण प्रमुख साधन है। अन्त:करण के चारों साधनों में हमने मन और बुद्धि को जाना। बुद्धि के…

Hybrid Schools: Blended Learning

        Government of India is looking at opening schools and colleges in Unlock 0.2 beginning July 1, 2020.  It’s time to focus…

वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-2

 – वासुदेव प्रजापति जीवन एक व अखण्ड़ है भारत की दृष्टि में जीवन एक है, यही एक जीवन जन्मजन्मान्तरों में अखण्ड चलता रहता है। एक…

वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-1

  – वासुदेव प्रजापति आज संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त है। इस समय सभी देश अपने-अपने देशवासियों को कोरोना विषाणु से बचाने…