✍ Dr. Pinkesh Lata Raghuwanshi Women have faith…. Gain independence, gain everything, but do not lose that characteristic of women! Swami Vivekananda How this comment…
Author: राष्ट्रीय शिक्षा
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 88 (यंत्रों का अन्धाधुन्ध प्रयोग)
✍ वासुदेव प्रजापति यंत्र मनुष्य जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। बिना यंत्र के उसका जीवन चल नहीं सकता। प्रातः जगने से लेकर रात्रि…
भारतीय परम्परागत खेल : बाल विकास का सशक्त माध्यम
✍ अवनीश भटनागर उत्साह, जोश, मस्ती तथा रोमांच से भरपूर खेलकूद बच्चों को तो क्या, बड़ों को भी पसन्द हैं। दुनियाँ के सभी देशों में…
15 अगस्त 1947 – तत्कालीन समाचार पत्रों के झरोखों से
✍ विनोद जौहरी भारतवर्ष के इतिहास में 15 अगस्त 1947 का दिन सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है जिसको हमने अपनी पाठ्य पुस्तकों और…
भारत विभाजन – त्रासदी, परिणाम व सावधानी
✍ राजेन्द्र सिंह बघेल वे महान वीर आत्माएँ जो देश विभाजन के समय भयानक एवं विषम परिस्थितियों में फंसे अगणित निर्दोष लोगों की रक्षा…
चिंतन और चेतना
✍ गोपाल माहेश्वरी चिंतन और चेतना सगे भाई-बहिन हैं। नाम का प्रभाव उनके विचारों पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। पिताजी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…
सुनिए कान, मन, आंखों से’!
✍ दिलीप वसंत बेतकेकर धोंडोजी और गुंड्रोजी एक बार रास्ते में मिले, आपस में बातचीत होने लगी! धोंडोजी गुंडों जी से पूछने लगे- कहो गुंडों…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 87 (शिक्षा का बाजारीकरण)
✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश में शिक्षा, चिकित्सा तथा धर्म अनादि काल से सेवा के क्षेत्र रहे हैं। सेवा से हमारा तात्पर्य आज की भाँति…
दृढ़ निश्चयी बालाजी
✍ गोपाल माहेश्वरी चिंगारियाँ अंगार से जब आग लेकर छूटती हैं। बुझने से पहले वह समूचा वन जलाती लूटती हैं।। वह सारी रात जागा था…
भारतीय ज्ञान का खजाना-22 (लोहस्तंभ)
✍ प्रशांत पोळ दक्षिण दिल्ली से महरौली की दिशा में जाते समय दूर से ही हमें ‘कुतुब मीनार’ दिखने लगती है। 238 फीट ऊँची यह…