शिशु शिक्षा 39 – क्षमताओं का विकास

✍ नम्रता दत्त   शिशु के जीवन के प्रारम्भ्कि पांच वर्ष सीखने की नींव के वर्ष होते हैं। पांच वर्ष की यह सीख/शिक्षा सम्पूर्ण जीवन…

नमस्ते वन देवता

✍ गोपाल माहेश्वरी प्राकृत अपनी सायकिल लेकर प्रातः से ही निकल पड़ा था। शीतलमंद पवन के झकोरे उसके तन मन में स्फूर्ति और आनंद का …

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 83 (बुद्धि विभ्रम के कारण व परिणाम)

 ✍ वासुदेव प्रजापति अब तक हमने अंग्रेजी शिक्षा का हमारे मन और बुद्धि पर क्या परिणाम हुआ उसे जाना, अब हम ये जानेंगे कि उन्होंने…

श्रद्धावान लभते ज्ञानम्

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर क्या सदैव ‘नारायण नारायण’ जपते रहते हो, इस खंभे में है तेरा नारायण? गुस्से से लाल, तमतमाते चेहरे से हिरण्यकश्यप ने…

स्वतंत्रता के सात दीवाने

✍ गोपाल माहेश्वरी राष्ट्रभक्ति जब छात्रशक्ति के हृदयों में फलने लगती है। पर्वत सी हो विकट चुनौती पत्ते सी हिलने लगती है।। स्वतंत्रता के आन्दोलनों…

शिशु का आहार-विहार

✍ रवि कुमार घर में शिशु रहता है तो आनन्द रहता है। घर में आने-जाने वाले सभी रिश्तेदार, ईष्ट-मित्र गण के लिए वह शिशु आकर्षण…

ज्ञानात्मक जानकारी तो है पर व्यवहार में ???

✍ राजेन्द्र सिंह बघेल एक मासिक पत्रिका में छपे लेख में यह पढ़कर मन को प्रसन्नता हुई कि देश में विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी हेतु नवयुवकों के…

बेटा नहीं बेटी

✍ गोपाल माहेश्वरी निपुण शाला से लौट कर आया और मैदान में खेलने चला गया। कबड्डी और खो-खो उसकी मित्र मंडली के प्रिय खेल थे।…

রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরের শিক্ষা দর্শন

✍ পেজুস কান্তি বোস শিক্ষা, সাহিত্য, সংস্কৃতির  অন্যতম মাইল স্টোন রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর মানব জীবনের সকল ক্ষেত্রেই সুগভীর পাঠের দ্বারা মৌলিক দর্শন বোধের মাধ্যমে নিজস্বতার উজ্জল…

रवीन्द्रनाथ ठाकुर का शिक्षा दर्शन

✍ पीजुस कान्ति बोस शिल्प, साहित्य, संस्कृति के महानतम एक दीपपुंज विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने जीवन में सुगंभीर पाठ के द्वारा, अपने मौलिक दर्शन के…