कक्षा 6,7,8 में कृषि नाम का विषय था। उसनें क्यारी बनाना। पानी देना। सब्ज़ी उगाना जैसी समझदारी तो होती थी लेकिन मक़सद विषय में पास होना ही रहता था। लेख पढ़ के अचानक महसूस हुआ कि वो तो श्रम के महत्व का अभ्यास भी है। इससे हमे दूसरों की मेहनत का महत्व समझना चाहिए था लेकिन हम तो पास फेल में फँसे रहे। उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया। सकारात्मक सोच की ओर ले जाने के लिए आपके लेखन का शुक्रिया। Reply