सा विद्या या विमुक्तये
शब्द अर्थ प पंचगव्य गौ से प्राप्त पांच वस्तुएं पंचक पांच का समूह पटू कुशल / निपुण पतनोन्मुख पतन की ओर झुकाव पथ्य उपयुक्त आहार…
– प्रोफेसर बाबुराम शिक्षा मानव जीवन के चरित्र निर्माण, रुचियों, प्रवृत्तियों, चेष्टाओं में बदलाव और बहुआयामी विकास के साथ सामाजिक समरसता उत्पन्न करती है। इसीलिए…
लेख – विजय नड्डा युद्ध में प्रत्येक सैनिक हीरो होता है। युद्ध की जीत में सामान्य समाज से लेकर राजनीतिक, प्रशासनिक व सैन्य नेतृत्व…
– वासुदेव प्रजापति ज्ञानार्जन के सभी करण जन्म से ही हमें मिल तो जाते हैं, परन्तु जन्म से ये सभी करण सक्रिय नहीं होते, अक्रिय…
– ભાણદેવજી • એ દિવસોમાં હું શ્રી અરવિંદ આશ્રમ, પોંડિચેરીમાં રહેતો હતો. નિત્યના ક્રમ પ્રમાણે સાંજના ભોજન પછી સમુદ્રકિનારે ફરવા ગયો હતો. એકલો જ કિનારે…
– दिलीप वसंत बेतकेकर आज के घर सामानों के ‘भंडारगृह’ हो गए हैं। जगह की कमी, फिर भी फर्श से छत तक विविध वस्तुओं का…
– रवि कुमार संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है और अनेक भाषाओं की जननी है। भारतीय संस्कृति, परम्परा, इतिहास, मान बिदु, जीवन मूल्य आदि…
– G R Jagadeesh Any country should have its own aim and vision in order to achieve progress. This contains both ideological and realistic dimensions…
-वासुदेव प्रजापति ज्ञानार्जन के करणों में हमने बहि:करण एवं अन्त:करण को जाना। बहि:करण में कर्मेन्द्रियों व ज्ञानेन्द्रियों के कार्यों को समझा और अन्त:करण में मन,…
– Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar In the Bharatiya thought process, life is believed to be one, single, continuing, integral, which…