अभ्यास क्यों करें

 – दिलीप वसंत बेतकेकर हम खाते-पीते हैं, किस लिए? मौजमस्ती करते हैं, किस लिए? नहाना, सोना, किस लिए? खेल आदि किस कारण? क्यों? क्यों?……… ऐसे…

Srimanta Sankardeva: A great scholar and literary genius

 – Dr. Jagadindra Raychoudhury Mahapurush Srimanta Sankardeva was a great reformer of religion and he introduced a religion called Ek Saran Naam Dharma (devoting to…

आचार्य रामचंद्र शुक्ल का साहित्य दर्शन

 – डॉ. अशोक बत्रा आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी समीक्षा जगत के सर्वाधिक प्रामाणिक और उद्धरणीय समीक्षक हैं। यदि संस्कृत काव्यशास्त्र की परंपरा से आगे हिंदी…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 67 (शिक्षित समाज)

 – वासुदेव प्रजापति जिस समाज में जितने अधिक शिक्षित व्यक्ति होते हैं, वह समाज उतना ही अधिक विकसित होता है। एक शिक्षित व्यक्ति अपनी भाषा…

भारतीय ज्ञान का खजाना-12 (भारत ही है प्लास्टिक सर्जरी का जनक)

– प्रशांत पोळ पहली बार दिल्ली में भाजपा की सरकार आए हुए बमुश्किल पांच महीने हो रहे थे। ठीक से कहें, तो वह दिन था,…

शिशु शिक्षा 32 – परिवार में मातृभाषा का वातावरण

 – नम्रता दत्त शिशु अवस्था संस्कार ग्रहण करने की सर्वश्रेष्ठ अवस्था है क्यों और कैसे? – इसका बहुत कुछ चिन्तन गत सोपानों में किया गया।…

दीनदयाल उपाध्याय की दृष्टि में भारतीय शिक्षा

 – डॉ. राकेश दुबे दीनदयाल जी की दृष्टि में भारतीय शिक्षा विषय पर विचार करते हुए कुछ प्रश्न स्वभावत: मन में उठते हैं जैसे किसी…

प्रेमचन्द्र का साहित्य दर्शन

– विकास कुमार पाठक हिन्दी कथा साहित्य को उसको उत्कर्ष तक पहुंचाने में प्रेमचन्द की केन्द्रीय भूमिका है। इसलिए ही जब हम गद्य साहित्य की…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 66 (शिक्षित व्यक्ति)

 – वासुदेव प्रजापति हमारे समाज में शिक्षित व्यक्ति का महत्त्व सदैव रहा है। यदि कोई व्यक्ति अशिक्षित है, तो समाज में उसे कभी मान-सम्मान प्राप्त…

स्वास्थ्य पर वायु का प्रभाव

– रवि कुमार दो व्यक्ति अलग-अलग कक्ष में सोए हुए हैं। एक कक्ष में खिड़की दरवाजे बंद है, ए.सी. चल रहा है। दूसरे कक्ष में…