सा विद्या या विमुक्तये
– रवि कुमार योग आज सर्वदूर सभी की चर्चा का विषय बना है। गत कुछ वर्षों से यह सभी की दिनचर्या का भाग बना है।…
– रवि कुमार शिक्षा समाज व राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। शिक्षा क्या है और शिक्षा की क्यों आवश्यकता है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न…
– रवि कुमार ‘अभिभावक’ शब्द पर विचार करते हैं तो ध्यान में आता है माता-पिता। एक शब्द और चलता है – ‘पाल्य या पालक’ अर्थात्…
– रवि कुमार एक नवयुवक स्नातक पूर्ण कर आजीविका के लिए किसी के पास जाता है और नौकरी के लिए पूछता है। सामने वाला प्रश्न…
– डॉ. नीतिन पेथाणी गिजुभाई बधेका को गुजरात में ‘मूछालीमाँ’ अर्थात ‘मूछोंवाली माँ’ के नाम से जाना जाता है। शिशु व बाल शिक्षा के संबंध…
संगीत का जीवन में विशेष महत्व है। फ़ाइन आर्ट शब्द हमने सुना होगा। फ़ाइन आर्ट में तीन विषय आते है – कला, संगीत और साहित्य।…
यदि यह पूछा जाए कि बालक सबसे पहले क्या बोलना सीखता है, तो उत्तर आएगा ‘माँ’ बोलना। बालक ‘माँ’ बोलना नहीं सीखता, वह अनुकरण करता…
भाव आधारित शिक्षा के साथ जुड़ी है सद्गुण एवं सदाचार की शिक्षा । इसका सम्बन्ध मन से है और इसे ही नैतिक शिक्षा कहते हैं…
– रवि कुमार बालक के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से करणों का विकास महत्त्वपूर्ण है । करण दो प्रकार के हैं – एक अन्तःकरण तथा…
गत अंक में हमने ‘कक्षाकक्ष में नवाचार’ विषय पर विचार किया था । इस अंक में हम एकाग्रता के विषय पर चर्चा करेंगे । एक…