– संतोष कुमार दिवाकर क्या रामकृष्ण मिशन केवल एक संस्थागत कदम था, या यह एक महामानव की उस असीमित दिव्य दृष्टि का प्रतिबिंब था, जो…
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देश की बात-1 : अपनी बात
-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…
स्वदेशी का पथ
– गोपाल माहेश्वरी देश उठेगा अपने पैरों निज गौरव के भान से। स्नेह भरा सम्मान जगाकर जिएं सुख सम्मान से। परावलंबी देश जगत में कभी…
भारतीय शिक्षा दर्शन की मार्गदर्शिका बनेगी- भारतीय शिक्षा दृष्टि
– डॉ. विकास दवे इन दिनों मेरे हाथों में स्वाध्याय की दृष्टि से सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ पुस्तक है। यह…
न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानडे
✍ मूल लेखक (मराठी) हणमंत धोंडीराम गायकवाड भारत साधु-संतों एवं विचारकों की पावन भूमि है। इस पुण्य भूमि में अनेक साधु-संतों एवं विचारकों का जन्म…
दोहराने के पांच प्रकार
✍ दिलीप बेतकेकर दोहराने को अंग्रेजी में ‘Revision’ कहते हैं। Review (पुनः अवलोकन) भी कहते हैं। आइए हम इन अंग्रेजी के दोनों शब्दों को समझें-…
एक उद्घोष – अरविंद घोष
✍ डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी कुछ तिथियाँ तय होकर आती, तय दिशाएँ उनको करनी हैं..! किस ओर राष्ट्र की गति होगी, ये पूर्व परिचय…
१५ अगस्त १९४७ के बाद…
✍ प्रशांत पोळ १५ अगस्त १९४७ को भारत तो स्वतंत्र हो गया.. विभाजित होकर..! परन्तु अब आगे क्या..? दुर्भाग्य से गांधीजी ने मुस्लिम लीग के…
लोकनायक श्रीराम – ६
✍ प्रशांत पोळ श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण रथ में बैठकर वनवास के लिए निकले हैं। मंत्री सुमंत्र, उनके रथ के सारथी है। सारी अयोध्या नगरी…
लोकनायक श्रीराम – ५
✍ प्रशांत पोळ अवधपुरी के राजप्रासाद में श्रीराम के युवराज्याभिषेक की तैयारियां चल रही है। मुहूर्त पर चर्चा हो रही है। राजा दशरथ, श्रीराम को…