सिंदूरी हनुमान

– गोपाल माहेश्वरी रोशन ने शाला से लोटते हुए रास्ते में सुना कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। निर्दोष पर्यटकों की हत्या से सारा…

सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन: छात्र केंद्रित शिक्षण

– प्रो. असित मंत्री सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन पंथनिरपेक्ष शिक्षा के साथ-साथ सार्वभौमिक शिक्षा पर जोर देता है। सावित्रीबाई फुले ने स्वयं को भारत…

रामकृष्ण मिशन का परिचय

– संतोष कुमार दिवाकर क्या रामकृष्ण मिशन केवल एक संस्थागत कदम था, या यह एक महामानव की उस असीमित दिव्य दृष्टि का प्रतिबिंब था, जो…

देश की बात-1 : अपनी बात

-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…

स्वदेशी का पथ

 – गोपाल माहेश्वरी देश उठेगा अपने पैरों निज गौरव के भान से। स्नेह भरा सम्मान जगाकर जिएं सुख सम्मान से। परावलंबी देश जगत में कभी…

भारतीय शिक्षा दर्शन की मार्गदर्शिका बनेगी- भारतीय शिक्षा दृष्टि

 – डॉ. विकास दवे इन दिनों मेरे हाथों में स्वाध्याय की दृष्टि से सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ पुस्तक है। यह…

न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानडे

✍ मूल लेखक (मराठी) हणमंत धोंडीराम गायकवाड भारत साधु-संतों एवं विचारकों की पावन भूमि है। इस पुण्य भूमि में अनेक साधु-संतों एवं विचारकों का जन्म…

दोहराने के पांच प्रकार

✍ दिलीप बेतकेकर दोहराने को अंग्रेजी में ‘Revision’ कहते हैं। Review (पुनः अवलोकन) भी कहते हैं। आइए हम इन अंग्रेजी के दोनों शब्दों को समझें-…

एक उद्घोष – अरविंद घोष

 ✍ डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी   कुछ तिथियाँ तय होकर आती, तय दिशाएँ उनको करनी हैं..! किस ओर राष्ट्र की गति होगी, ये पूर्व परिचय…

१५ अगस्त १९४७ के बाद…

✍ प्रशांत पोळ १५ अगस्त १९४७ को भारत तो स्वतंत्र हो गया.. विभाजित होकर..! परन्तु अब आगे क्या..? दुर्भाग्य से गांधीजी ने मुस्लिम लीग के…