पाठ्यक्रम-परिवर्तन की दिशा में ठोस पहल व प्रयास

 – प्रणय कुमार किसी भी उदार, जीवंत, गतिशील एवं लोकतांत्रिक समाज में वांछित एवं युगीन परिवर्तन की प्रक्रिया सतत चलती रहती है। जड़ता एवं यथास्थितिवाद…

भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार भाग एक

– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…

संत कबीर – अनुभौ उतरयो पार!

-डॉ. अशोक बत्रा संत कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे।…

सिंदूरी हनुमान

– गोपाल माहेश्वरी रोशन ने शाला से लोटते हुए रास्ते में सुना कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। निर्दोष पर्यटकों की हत्या से सारा…

सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन: छात्र केंद्रित शिक्षण

– प्रो. असित मंत्री सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन पंथनिरपेक्ष शिक्षा के साथ-साथ सार्वभौमिक शिक्षा पर जोर देता है। सावित्रीबाई फुले ने स्वयं को भारत…

रामकृष्ण मिशन का परिचय

– संतोष कुमार दिवाकर क्या रामकृष्ण मिशन केवल एक संस्थागत कदम था, या यह एक महामानव की उस असीमित दिव्य दृष्टि का प्रतिबिंब था, जो…

देश की बात-1 : अपनी बात

-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…

स्वदेशी का पथ

 – गोपाल माहेश्वरी देश उठेगा अपने पैरों निज गौरव के भान से। स्नेह भरा सम्मान जगाकर जिएं सुख सम्मान से। परावलंबी देश जगत में कभी…

भारतीय शिक्षा दर्शन की मार्गदर्शिका बनेगी- भारतीय शिक्षा दृष्टि

 – डॉ. विकास दवे इन दिनों मेरे हाथों में स्वाध्याय की दृष्टि से सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ पुस्तक है। यह…

न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानडे

✍ मूल लेखक (मराठी) हणमंत धोंडीराम गायकवाड भारत साधु-संतों एवं विचारकों की पावन भूमि है। इस पुण्य भूमि में अनेक साधु-संतों एवं विचारकों का जन्म…