– ऋचा चारण राजस्थान की धरा केवल वीरता की गाथाओं से ही नहीं गूँजती, बल्कि उसमें भक्ति की मधुर वीणा भी अनहद नाद करती है।…
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2047 का विश्व गुरु भारत
– रवि कुमार भारत विश्व गुरु रहा है और 21वीं शताब्दी में पुनः उसी दिशा में अग्रसर है। 2012 के बाद राष्ट्र शक्ति के जनजागरण…
माँ का आँचल
– गोपाल माहेश्वरी देव आज शाला से थोड़ा विलंब से ही घर पहुँचा था। उसे जोरों की भूख लगी थी। घर में घुसते ही वह…
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष – वामपंथ की उघड़ती परतें
– अनुराग सक्सेना अंग्रेजों ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ का जो सिलसिला शुरू किया, उसे वामपंथी इतिहासकारों, साहित्यकारों ने आजादी के बाद भी जारी रखा।…
भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार – भाग तीन (अन्तःकरण व उसकी शिक्षा)
– ब्रज मोहन रामदेव करण अर्थात् उपकरण या साधना। ज्ञान प्राप्त करने के दो साधन है। 1. बाह्य करण 2. अन्तः करण। ज्ञानेन्द्रियां कर्मेन्द्रियां बाह्य…
पुस्तक समीक्षा – भारतीय शिक्षा दर्शन : सिद्धांत, परंपरा एवं व्यवहार (डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता एवं रवि कुमार)
– डॉ. कुमुद बंसल यह पुस्तक भारतीय शिक्षा दर्शन : सिद्धांत, परंपरा एवं व्यवहार भारतीय शिक्षा की संपूर्ण दृष्टि को सिद्धांत, परंपरा और व्यवहार तीनों…
भारतीय ज्ञान का खजाना-33 (उन्नत खेती का अविष्कारक – भारत – 2)
✍ प्रशांत पोळ वराह मिहिर के पश्चात, लगभग 200 वर्षों के बाद, पाराशर ऋषि ने ‘कृषि पाराशर’ ग्रंथ लिखा। प्राचीन कृषि शास्त्र का संकलन और…
सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ (सन् 1707-1807)
– प्रोफेसर बाबूराम (डी.लिट्.) आपगा, दृषद्वती और सरस्वती देव-नदियों के मध्य बसे क्षेत्र को हरियाणा कहा जाता है। इस क्षेत्र को आदि सृष्टि का जनक…
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : अडिग प्रतिज्ञा, अजेय प्रताप
– प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा हल्दी घाटी युद्ध में अकबर की सेना संख्या में महाराणा प्रताप की सेना से चार गुना अधिक थी। मुगल सेना…