शिशु शिक्षा – 2 (वर्तमान अवधारणा एवं भारतीय अवधारणा)

– नम्रता दत्त जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने शिक्षा के संदर्भ में कहा – ‘सा विद्या या विमुक्तये’। ‘शिक्ष’ धातु से उत्पन्न शिक्षा का अर्थ है…