– वासुदेव प्रजापति आज देश के गाँव-गाँव तथा गली-गली में विद्यालय खुलते जा रहे हैं। क्यों? क्योंकि हमने शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है।…
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भाऊराव देवरस और शिक्षा – 19 नवम्बर जयंती विशेष
– राजेन्द्र बघेल वीर प्रसूता भारत माता की कोख से ऐसे अनगिनत लाल जन्में, जिन्होंने देश हित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। भाऊराव देवरस…
बाल शिक्षा शास्त्री गिजुभाई बधेका – 15 नवंबर जयंती विशेष
– डॉ. नीतिन पेथाणी गिजुभाई बधेका को गुजरात में ‘मूछालीमाँ’ अर्थात ‘मूछोंवाली माँ’ के नाम से जाना जाता है। शिशु व बाल शिक्षा के संबंध…
पालकों, शाला के मित्र बनो
– दिलीप वसंत बेतकेकर आपने आपके पाल्य के लिए शाला का चयन कर प्रवेश प्राप्त कर लिया या पूर्व की शाला में ही बच्चे का…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-20 (अध्यापन)
– वासुदेव प्रजापति अध्यापन ( पढ़ाना ) अध्ययन अर्थात् पढ़ना और अध्यापन अर्थात् पढ़ाना। पढ़ना और पढ़ाना दोनों एक ही क्रिया के दो पद हैं।…
पाती बिटिया के नाम-14 (आजाद ही रहेंगे)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! चन्द्रशेखर आजाद का नाम तो आपने सुना है न! परन्तु आप यह नहीं जानती होंगी कि आजाद नाम से…
महाऋषि वाल्मीकि का अवदान
-डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भाग्यशाली भारत भूमि पर समय समय पर महापुरुषों ने अवतार लिया है और अपनी वाणी व कलम से भारत का ही नहीं…
भगिनी निवेदिता : जिनके रगों में दौड़ती थी भारत-भक्ति की लहरें – 28 अक्टूबर, जयन्ती पर विशेष
– प्रियंवदा मधुकर पांडे स्वामी विवेकानन्द ने भगिनी निवेदिता से कहा था कि “भविष्य की भारत-संतानों के लिए तुम एकाधार में जननी, सेविका और सखी बन…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : व्यक्ति, समाज और सृष्टि तक को एक सूत्र में देखने वाली दृष्टि
– हितेश शंकर संगठन का अंकुर व्यक्ति की आकांक्षा से फूटता है। ज्यादातर संगठन किसी एक विषय, किसी एक या परस्पर जुड़े क्षेत्रों में, एक…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-23 (शारीरिक शिक्षा)
– रवि कुमार स्वामी विवेकानन्द के अनुसार ‘श्रीमद भगवदगीता’ जैसे पवित्र ग्रंथ के अध्ययन से पूर्व फुटबॉल खेलना ज्यादा आवश्यक है। ‘श्रीमद भगवदगीता’ वीरों का…