– दिलीप वसंत बेतकेकर आपने आपके पाल्य के लिए शाला का चयन कर प्रवेश प्राप्त कर लिया या पूर्व की शाला में ही बच्चे का…
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भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-20 (अध्यापन)
– वासुदेव प्रजापति अध्यापन ( पढ़ाना ) अध्ययन अर्थात् पढ़ना और अध्यापन अर्थात् पढ़ाना। पढ़ना और पढ़ाना दोनों एक ही क्रिया के दो पद हैं।…
पाती बिटिया के नाम-14 (आजाद ही रहेंगे)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! चन्द्रशेखर आजाद का नाम तो आपने सुना है न! परन्तु आप यह नहीं जानती होंगी कि आजाद नाम से…
महाऋषि वाल्मीकि का अवदान
-डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भाग्यशाली भारत भूमि पर समय समय पर महापुरुषों ने अवतार लिया है और अपनी वाणी व कलम से भारत का ही नहीं…
भगिनी निवेदिता : जिनके रगों में दौड़ती थी भारत-भक्ति की लहरें – 28 अक्टूबर, जयन्ती पर विशेष
– प्रियंवदा मधुकर पांडे स्वामी विवेकानन्द ने भगिनी निवेदिता से कहा था कि “भविष्य की भारत-संतानों के लिए तुम एकाधार में जननी, सेविका और सखी बन…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : व्यक्ति, समाज और सृष्टि तक को एक सूत्र में देखने वाली दृष्टि
– हितेश शंकर संगठन का अंकुर व्यक्ति की आकांक्षा से फूटता है। ज्यादातर संगठन किसी एक विषय, किसी एक या परस्पर जुड़े क्षेत्रों में, एक…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-23 (शारीरिक शिक्षा)
– रवि कुमार स्वामी विवेकानन्द के अनुसार ‘श्रीमद भगवदगीता’ जैसे पवित्र ग्रंथ के अध्ययन से पूर्व फुटबॉल खेलना ज्यादा आवश्यक है। ‘श्रीमद भगवदगीता’ वीरों का…
विद्यालयीन शिक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने की चुनौती
– पिंकेश लता रघुवंशी बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की भारत सरकार द्वारा घोषणा व स्वीकृति पश्चात देश व समाज में इस विषय को लेकर…
पाती बिटिया के नाम-13 (‘नेताजी’ शब्द गाली नहीं)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! कुछ समय पूर्व की बात है। दो भैया आपस में लड़कर अपनी शिकायत लेकर मेरे पास आए थे। दोनों…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-19 (अध्ययन)
– वासुदेव प्रजापति अध्ययन (पढ़ना) अध्ययन का अर्थ है, “पढ़ना”। पढ़ना और पढ़ाना या अध्ययन और अध्यापन एक ही क्रिया के दो स्वरूप हैं। हम…