– वासुदेव प्रजापति “ज्ञान की बात” एक पाक्षिक स्तंभ है, जिसकी अब तक 24 कड़ियां आ चुकी हैं। अर्थात् इसे प्रारंभ हुए अब तक एक…
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सदाचार एवं सद्दगुणों का विकास
– लज्जा राम तोमर अपने धर्म एवं संस्कृति के प्रति ज्ञानयुक्त श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित व्यक्तियों में नैतिक आचरण की भूमि तैयार होती है।…
स्वामी विवेकानंद का शिक्षा दर्शन
– प्राणनाथ पंकज “शिक्षा क्या है ? …..सच्ची शिक्षा उसे कहा जा सकता है, जिससे शब्द संचय नहीं, क्षमता का विकास होता है। या फिर…
धन्य भारत माँ, धन्य हम संतान – विश्व हिंदी दिवस पर कविता
विश्व हिंदी दिवस – विश्वरत्न हिंदी की दुनियाँ में गूँजी दुंदुभी, बिंदी माथे की हुई संसार की, धन्य भारत माँ, धन्य हम संतान।। सैकड़ों वर्षों…
आईये बात करें
– राजेन्द्र सिंह बघेल बैंगलूर में एक संस्था है उसका नाम है, “अखिल भारतीय मानसिक स्वास्थ्य संगठन” (All India National Institute of mental health) ।…
धूम्रपान – पालकों का मज़ा, बालकों को सजा
– दिलीप वसंत बेतकेकर “सिगरेट के एक सिरे पर होती है आग और दूसरे सिरे पर होता है एक मूर्ख” ऐसा कहा जाता है। सिगरेट…
पाती बिटिया के नाम-17 (गद्दार को मृत्युदण्ड)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सिक्के के दो पहलू होते हैं। सत्य के साथ असत्य भी होता है, अच्छाई के साथ बुराई भी होती…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-24 – (दान)
– वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा की एक प्रमुख विशेषता अर्थ-निरपेक्षता है। आज हमनें पश्चिमी शिक्षा से प्रभावित होकर जीवन में अर्थ को सर्वोपरि मान…
प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले
-भालचंद्र रावले आधुनिक काल में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले का जीवन अपने लक्ष्य को पूर्ण करने हेतु किये गए संघर्ष…
महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग पांच)
– अवनीश भटनागर स्नातकों को उपदेश स्वाभाविक रूप से दीक्षांत भाषण का उद्देश्य अपनी शिक्षा पूर्ण कर समाज जीवन में प्रवेश करने जा रहे उपाधि…