– प्रशांत पोळ ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज़, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख…
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1857 के स्वातन्त्र्य समर में दिल्ली की स्वतंत्रता
– रवि कुमार 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर 11 मई को मेरठ से प्रारम्भ हुआ। दिल्ली इस समर के प्रमुख केंद्रों में से एक था।…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 54 (पठनीय विषयों का सांस्कृतिक स्वरूप)
– वासुदेव प्रजापति भारतीय ज्ञानधारा का मूल अधिष्ठान अध्यात्म है। अध्यात्म जब नियम व व्यवस्था में रूपान्तरित होता है, तब वह धर्म का स्वरूप…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 53 (शिक्षा में अंगांगी भाव का विचार)
– वासुदेव प्रजापति अब तक हमने अंगांगी भाव को विभिन्न आयामों में समझा है। आज हम अंग और अंगी के सम्बन्ध में आवश्यक अनिवार्यताओं को…
शिक्षा और सामाजिक संचेतना
– लक्ष्मीकान्त सिंह शिक्षा के मूल दृष्टिकोण साधारणतया शिक्षा के दो पक्ष/दृष्टिकोण होते हैं। प्रथम यह है कि शिक्षा प्रतिभा विकास की प्रक्रिया हैं, अर्न्तनिहित…
शिशु शिक्षा 22 ( जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण 2)
– नम्रता दत्त शिशु के विकास में सहायक सही आदतें जन्म से एक वर्ष का शिशु पूर्णतः परावलम्बी अर्थात् दूसरों पर आश्रित होता है। अन्य…
स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ और वैदिक गणित
– स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ का जन्म 14 मार्च 1884 (चैत्र शुक्ल तृतीया) को तिन्निवेलि (Tinnevally) तमिलनाडु में एक विद्या-विनय सम्पन्न परिवार में हुआ था।…
उत्तम आहार के रूप में जल का सेवन
– रवि कुमार ‘जल ही जीवन है’, ‘बिन पानी सब सून’, ‘कोस कोस पर बदले पानी’, ‘जल है तो कल है’ आदि अनेक कहावतें हमने…
वीर बालक बिशन सिंह कूका
– गोपाल महेश्वरी देशधर्म पर बलि हो जाना बचपन से जो सीख चुके। अत्याचार-क्रूरता-पशुता झेल गए पर नहीं झुके।। 1857 का स्वतंत्रता संग्राम सब देशभक्तों…
नारी स्वातंत्र्य का भारतीय प्रतिमानः सावित्री बाई फुले
– अवनीश भटनागर समाज में सदियों से चली आ रही रूढ़ियों को समाप्त करने तथा सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए दो बातें अत्यन्त…