बंकिम चन्द्र का साहित्य दर्शन

✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता बंकिम चन्द्र चटर्जी का नाम सुनते या पढ़ते ही प्रत्येक भारतीय को वन्दे मातरम का स्मरण हो आता है, मानो दोनों…

स्व-बोध की सप्तपदी

✍ शिरोमणि दुबे कोई भी राष्ट्र जब अपने स्वबोध के विषय में विस्मृति का शिकार होने लगता है। जब सभ्य समाज अपनी सनातन परंपराओं पर…

आषाढ़ का वह दिन

✍ गोपाल माहेश्वरी आषाढ़ मास आरंभ हो चुका था। गरमियों का सूनेपन से ऊब चुका आकाश इस माह कभी भी चित्र-विचित्र छोटे-बड़े बादलों से भर…

बंदा वीर बैरागी – लक्ष्मण देव से बंदा सिंह बहादुर की यात्रा

✍ सुखदेव वशिष्ठ   इतिहास से शहीद बंदा बैरागी का नाम मिटाना असंभव है जिन्होंने मुगलों द्वारा हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का न केवल…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 107 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा-परिवार में करणीय प्रयास-1)

 ✍ वासुदेव प्रजापति भारत में समाजव्यवस्था की मूल इकाई व्यक्ति नहीं, परिवार है। परिवार एकात्म संकल्पना का सामाजिक रूप है। व्यक्ति परिवार का अंग बनकर…

लोकनायक श्रीराम – ६

✍ प्रशांत पोळ श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण रथ में बैठकर वनवास के लिए निकले हैं। मंत्री सुमंत्र, उनके रथ के सारथी है। सारी अयोध्या नगरी…

अध्ययन – मित्र

✍ दिलीप बेतकेकर अब देखते हैं कि अध्ययन के मित्र कौन हैं, साथी कौन हैं! पुस्तकें हमारी प्रथम मित्र हैं! कुछ पुस्तकें उस शालेय सत्र…

साक्षात काली : कालीबाई

✍ गोपाल माहेश्वरी गुरु की सच्ची पूजा उनके आदर्शों पर चल दिखलाना। अवसर हो यदि बलिदानों का हँस कर जीवन पुष्प चढ़ाना।। बचपन ही तो…

देश, धर्म और प्रजा के लिए था देवी अहिल्याबाई का जीवन

✍ निखिल महेश्वरी   भारत में जन्मे हजारों-हजार महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व ने दुनिया में भारत को विशेष पहचान दिलाई है। उन महापुरुषों में…

स्वातंत्र्यवीर सावरकर: एक समग्र मूल्यांकन

✍ प्रणय कुमार विनायक दामोदर सावरकर प्रखर चिंतक, गहन अध्येता, सत्यान्वेषी इतिहासकार, भावप्रवण कवि, सेवाभावी समाज सुधारक और महान स्वतंत्रता-सेनानी थे। उनका कोई भी रूप…