✍ Laxmana Rao Ayachithula After independence of India, a few National Education Policies came up and to some extent the recommendations were implemented. Dr. D.…
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हिन्दू नववर्ष की प्रासंगिकता
✍ वासुदेव प्रजापति हिन्दू नववर्ष आदिकाल से मनाया जाने वाला सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पर्व है। यह पर्व राष्ट्रीय बोध, हमारी प्राचीन वैज्ञानिकता एवं विश्व कल्याण…
लोकनायक श्रीराम – ४
✍ प्रशांत पोळ मिथिला… आर्यावर्त के उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित एक वैभव संपन्न जनपद, जिसके राजधानी का नाम भी मिथिला है। यह जनपद, लोक कल्याणकारी…
नई संवत् की नई भोर
✍ गोपाल माहेश्वरी नवल और किसलय नववर्ष की तैयारियां करने में जुटे थे। हुआ यह कि अनके पिताजी का स्थानांतरण होने से वे इस महानगर…
बच्चन-झगरू-छटू की तिकड़ी
✍ गोपाल माहेश्वरी जिस दिन शंकर का त्रिशूल भी चूक जाए संधानों से। उस दिन रुकने की आशा करना भारत संतानों से।। गीता कहती है…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 102 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – अध्ययन और अनुसन्धान)
✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश के नाम ‘भारत’ में ही ज्ञान समाया हुआ है। भारत एक ऐसा देश है जो अपना सम्पूर्ण व्यवहार ज्ञान के…
धर्म व संविधान परस्पर विरोधी नहीं, अपितु पूरक हैं
✍ प्रणय कुमार लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका प्रहरी की होती है। व्यवस्था के सभी घटकों की निगरानी का दायित्व उस पर ही होता है।…
रामायण सत कोटि अपारा-3 (साहित्य जगत में राम का नाम)
✍ रवि कुमार बाईस जनवरी को अयोध्या जी में रामलला की मूर्ति स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा से सम्पूर्ण देश का जो वातावरण राममय हुआ, उसके…
प्रह्लाद की होली
✍ गोपाल माहेश्वरी रंगों का पर्व होली आते ही बच्चों के मन में बहुत ही उल्लास छाया हुआ था। रंग, गुलाल, पिचकारी की होड़ तो…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 101 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा – भारतीय जीवनदृष्टि एवं शोधदृष्टि)
✍ वासुदेव प्रजापति किसी भी देश के वैचारिक क्षेत्र में जब अनवस्था होती है तब उसके सामाजिक जीवन में अव्यवस्थाएँ फैलती हैं। समाज में चिन्तन-मनन…