– Dr. Kuldeep Mehandiratta Education is considered as a unique collection of experiences received inside or outside any school/college/ educational institution, which guide a student…
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पाती बिटिया के नाम-18 (साहस की मूर्ति बाघा जतीन)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! साहस, हिम्मत और बहादुरी की बातें तो सभी करते हैं, किन्तु जब मौका आता है तो सारी बातें हवा…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-25 – (दूसरे वर्ष में प्रवेश)
– वासुदेव प्रजापति “ज्ञान की बात” एक पाक्षिक स्तंभ है, जिसकी अब तक 24 कड़ियां आ चुकी हैं। अर्थात् इसे प्रारंभ हुए अब तक एक…
धूम्रपान – पालकों का मज़ा, बालकों को सजा
– दिलीप वसंत बेतकेकर “सिगरेट के एक सिरे पर होती है आग और दूसरे सिरे पर होता है एक मूर्ख” ऐसा कहा जाता है। सिगरेट…
पाती बिटिया के नाम-17 (गद्दार को मृत्युदण्ड)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सिक्के के दो पहलू होते हैं। सत्य के साथ असत्य भी होता है, अच्छाई के साथ बुराई भी होती…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-24 – (दान)
– वासुदेव प्रजापति भारतीय शिक्षा की एक प्रमुख विशेषता अर्थ-निरपेक्षता है। आज हमनें पश्चिमी शिक्षा से प्रभावित होकर जीवन में अर्थ को सर्वोपरि मान…
महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग पांच)
– अवनीश भटनागर स्नातकों को उपदेश स्वाभाविक रूप से दीक्षांत भाषण का उद्देश्य अपनी शिक्षा पूर्ण कर समाज जीवन में प्रवेश करने जा रहे उपाधि…
महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग चार)
– अवनीश भटनागर भाषा के रूप में अंग्रेजी मातृभाषा और राष्ट्रीय विकास में उसकी भूमिका की बात कहने के बाद भी महामना एक भाषा के…
महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग तीन)
– अवनीश भटनागर प्रारम्भिक शिक्षा अति महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान के दीक्षान्त भाषण में भी मालवीय जी देश में प्रारम्भिक तथा माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता…
महामना मदनमोहन मालवीय का दीक्षान्त भाषण – 14 दिसम्बर 1929 (भाग दो)
– अवनीश भटनागर बारह वर्षों की रिपोर्ट श्रद्धेय मालवीय जी का यह दीक्षान्त उद्बोधन 14 दिसम्बर, 1929 को सम्पन्न हुआ था, अर्थात् काशी हिन्दू विश्वविद्यालय…